March 3, 2026

संवाददाता
कानपुर।
भीषण गर्मी का असर केवल घर से बाहर जाने  वालों पर ही नहीं देखा जा रहा है, बल्कि ये असर उन पर भी देखा जा रहा हैं, जो महिलाएं गर्भवती हैं। यदि उनकी डिलीवरी का समय नजदीक है और शरीर में पानी की कमी हो गई है तो ऐसे में गर्भवती महिलाओं को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज, कानपुर के गायनी विभाग में इन दिनों रोजाना 2 से 3 ऐसी महिलाएं पहुंच रही है, गर्मी के कारण जिनकी बच्चेदानी की थैली फट जाती है।
गायनी विभाग की प्रोफेसर डॉ. शैली अग्रवाल ने बताया कि जब गर्मी अधिक पड़ती है तो इस तरह की समस्या भी बढ़ जाती हैं। इस समय रोज 2 से 3 केस ऐसे सामने आ रहे है, जिनकी बच्चेदानी की थैली फट जाती है और उनकी समय से पहले डिलीवरी करानी पड़ती है।
ये तब होता है जब महिला के शरीर में पानी की कमी हो जाती हैं या फिर स्ट्रेच होने के कारण भी कभी-कभी ऐसा होता हैं।
डॉ. शैली अग्रवाल ने बताया कि जब से ये गर्मी का सितम बढ़ा है यानि कि बात करें पिछले एक हफ्ते से ये केस ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। ये मरीज केवल कानपुर ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों से भी आ रहे हैं। खास तौर पर ग्रामीण इलाके में जागरूकता कम होने के कारण समस्या अधिक हैं।

उन्होंने बताया कि ऐसी गर्मी में मरीज का बीपी भी बढ़ जाता है। यदि गर्भधारण के समय महिला को बीपी की समस्या है तो उसे इन दिनों काफी सजग रहने की जरूरत है। क्यों कि जब बीपी ज्यादा बढ़ जाता है तो कभी-कभी महिलाओं को झटके भी आने लगते हैं। ऐसे भी मरीज रोज आ रहे हैं। ऐसे मरीजों को आइसीयू में भर्ती करना पड़ता हैं।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को कम से कम 2 से 3 लीटर पानी रोज पीना चाहिए। इसके अलावा सादा पानी पीने से अच्छा है, नीबू पानी, ग्लूकोज, नारियल पानी, एनर्जल, खीरा, ककड़ी जैसी चीजों का सेवन करें।
ऐसी गर्मी में अगर मजबूरी हो तो ही बाहर निकले। बाहर निकलते समय बोतल में साफ पानी अपने साथ लेकर चले। सूती कपड़े पहने। बीपी की दिक्कत वाले मरीजों को दवा समय पर लेते रहना चाहिए। बच्चा न घूमने की स्थिति में डॉक्टरों से तुरंत संपर्क करना चाहिए। दिनभर में करीब 2 से 3 लीटर पानी का सेवन करें। जो व्यायाम बताया जाए उसे सुबह उठकर जरूर करें। दवाइयों का सेवन निरंतर करें, इसमें लापरवाही न करें। समय-समय पर डॉक्टर की परामर्श लेते रहे। बंद पैकेट के जूस और बाजार में बिकने वाले रंगीन पानी का सेवन न करें।