
संवाददाता
कानपुर। एचडीएफसी बैंक में ‘मैं ठाकुर हूं’ कहने वाली कर्मचारी का वीडियो वायरल होने के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मामले में आस्था सिंह भदौरिया और ऋतु त्रिपाठी ने पनकी थाने में अलग-अलग तहरीर दी थी।
आस्था ने पूर्व बैंककर्मी ऋतु त्रिपाठी, उनके पति और ननद के खिलाफ वीडियो वायरल करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। जबकि ऋतु ने धमकाने और मारपीट करने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने ऋतु के पति ऋषि त्रिपाठी से करीब 20 मिनट तक पूछताछ की। पति ने वीडियो वायरल करने से इनकार किया है।
एक वीडियो सामने आया था, जिसमें एचडीएफसी बैंक की कर्मचारी आस्था सिंह दूसरी कर्मचारी ऋतु त्रिपाठी और उनके पति से कहती नजर आ रही हैं— “मैं ठाकुर हूं, तेरी ऐसी की तैसी कर दूंगी।” गुस्से में वह लैपटॉप उठाकर हमला करने की कोशिश करती भी दिखाई देती हैं। 6 जनवरी की घटना का यह वीडियो 8 फरवरी को सामने आया था।
वीडियो के वायरल होने के बाद आस्था और ऋतु के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं।
वीडियो सामने आने के बाद आस्था सिंह ने कहा- वीडियो को गलत संदर्भ में वायरल किया जा रहा। महिला कर्मचारी ने इस्तीफा देकर उसी दिन रिलीविंग की मांग की थी। इस दौरान उसकी ननद सुबह से ही ब्रांच में मौजूद थी, जिससे हल्की बहस हो गई।
महिला कर्मचारी ने यह बात अपने पति को बताई। वह वर्किंग आवर खत्म होने के बाद बैंक आया, मेरे साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। उसका पति मेरे डेस्क पर आकर मेरी जाति पूछने लगा और धमकाया।
आस्था सिंह ने कहा- मैं मानती हूं कि मेरे कुछ शब्द गलत हो सकते हैं। सार्वजनिक सेवा में शब्दों का चयन सोच-समझकर होना चाहिए। लेकिन धमकी और अपमानजनक भाषा को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। वीडियो को जातिवाद का मुद्दा बनाकर गलत तरीके से पेश किया गया है। मैं अपने बयान पर कायम हूं। मैं ठाकुर हूं और मुझे इस बात का गर्व है… जय श्रीराम।
एचडीएफसी बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह भदौरिया ने कहा कि उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। वह मानसिक तनाव में हैं और उन्हें ऐसा लग रहा है कि सुसाइड कर लें।
ऋतु त्रिपाठी ने सीधे उनके चरित्र पर उंगली उठाई है। जब लोगों को कुछ नहीं मिलता, तो वे महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाने लगते हैं। उनके चरित्र से बड़ा दाग और क्या लगाया जा सकता है। ऋतु को शर्म आनी चाहिए, क्योंकि गलती उनके पति की है।
ऋतु के सीनियर्स के साथ घूमने-फिरने के आरोपों पर आस्था ने कहा कि उनकी प्रोफाइल सेल्स की है, जिसमें बाहर जाकर क्लाइंट्स से मिलना और विजिट करना नौकरी का हिस्सा होता है। उन्होंने कहा, “सेल्स की जॉब में बाहर निकलना पड़ता है, कॉल पर जाना और क्लाइंट्स से मिलना पड़ता है। मैं इंसेक्योर नहीं हूं। जब कुछ नहीं मिला तो मेरे चरित्र पर सवाल उठाए गए।”
पूर्व बैंक कर्मचारी ऋतु त्रिपाठी का भी एक वीडियो सामने आया। इसमें वह कह रही हैं कि जिसके परिवार की बेज्जती हुई, वह मैं हूं। जिसको गालियां सुनाई गईं वह मैं हूं। इतना सब होने के बाद भी मैंने वीडियो वायरल नहीं किया।
झूठे वीडियो वायरल करके रानी लक्ष्मीबाई बनने की चाहत नहीं है मेरे अंदर। मैं ब्राह्मण हूं, मुझे इस बात का गर्व है। मेरी सभी से प्रार्थना है कि मैं कानपुर की बेटी हूं। इस ब्राह्मण बेटी की इज्जत बचाएं, मुझे सपोर्ट करें। अगर मैं गलत नहीं हूं तो मेरी मदद करें।
पनकी थाना प्रभारी मनोज सिंह ने बताया कि आस्था सिंह और ऋतु त्रिपाठी के मामले की जांच की जा रही है। बैंक बीते तीन दिनों से सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। इस वजह से जांच अटकी हुई है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर मामले में एफआईआर दर्ज करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।






