
संवाददाता
कानपुर। मंगलवार दोपहर मौसम ने फिर करवट ली। दोपहर 11 बजे आसमान में काले बादल छा गए। ठंडी हवाओं के साथ तेज बयार चली और रिमझिम फुहारें मूसलाधार बारिश में बदल गईं।
बारिश ने उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को राहत दी। ग्रामीणों ने ठंडी हवाओं और झमाझम बारिश का आनंद लिया। धान की फसल की निराई में जुटे किसानों के चेहरों पर खुशी देखी गई।
किसानों ने बताया कि अब खेतों की सिंचाई के लिए नलकूप पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। धान के लिए यह बारिश सही समय पर हुई है। हालांकि, किसानों ने खाद की उपलब्धता को लेकर चिंता जताई है।
दौलतपुर गाँव के किसान श्याम मोहन, आनंद कुमार, राजेश मिश्रा और सुरेश ने बताया कि बारिश के बाद फसल के लिए यूरिया की जरूरत बढ़ जाती है। कई जगहों पर यूरिया उपलब्ध नहीं है। उन्होंने मांग की है कि सरकारी समितियों और निजी दुकानों पर समय से यूरिया उपलब्ध कराया जाए।
बरसात के दौरान कई क्षेत्रों में बिजली गुल होने से लोगों को परेशानी हुई। फिर भी, लंबे समय बाद हुई इस बारिश से मिली राहत ने सभी दिक्कतों को पीछे छोड़ दिया है।