February 7, 2026

संवाददाता

कानपुर। यूजीसी के नए कानून को लेकर कानपुर में विरोध शुरू हो गया है। मंगलवार को सुबह से ही डीएम ऑफिस में सामाजिक संगठनों का पहुंचना शुरू हो गया। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा और सवर्ण आर्मी के कार्यकर्ताओं ने डीएम ऑफिस के गेट पर पहुंचकर जमकर नारेबाजी की। दोनों संगठनों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपा।
डीएम ऑफिस के गेट पर पहुंचे सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने यूजीसी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी, काला कानून वापस लो और यूजीसी बिल वापस लो समेत कई नारों से कलेक्ट्रेट परिसर गूंज उठा। हाथों में तख्तियां लेकर दोनों संगठनो के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। उन्होंने साफ कहा कि यदि जल्द ही यह काला कानून वापस नहीं लिया जाता है तो वह सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। छात्र नेता अभिजीत राय ने कहा कि यह कानून नहीं बल्कि तानाशाही है।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हम लोग यूजीसी के विरोध में डीएम ऑफिस पर एकत्र हुए हैं। इस कानून की आड़ में जो समाज को तोड़ने और बांटने का काम किया जा रहा है, उसका हम विरोध करते हैं। हमारी मांग है कि इस कानून को वापस लिया जाना चाहिए।
स्वर्ण आर्मी के जिला महासचिव अमित मोहन शुक्ला ने कहा कि यह काला कानून कुछ लोगों को खुश करने के लिए लाया गया है। इसे सवर्णों पर जुर्म और अत्याचार होता। आरोप यदि झूठ साबित होते हैं तो उसके समय और मानहानि की क्या क्षतिपूर्ति होगी। सरकार कहती है कि काटोगे तो बटोगे अब यह क्या कर रहे हैं। यह काला कानून है इसको वापस ले। 

प्रदर्शनकारियों में मुख्य रूप से अनुराग अवस्थी, विवेक अग्निहोत्री, शुभम पाठक, जयप्रकाश मिश्रा, अशोक परिहार, भोला तिवारी, पंकज पांडेय और यश ठाकुर आदि रहे। 

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