March 4, 2026

संवाददाता 

कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता उन्न्यन हेतु एन.आई.आर.एफ. एवं नैक मूल्यांकन पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जनपद फर्रूखाबाद, कन्नौज एवं उन्नाव के सम्बद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों ने कार्यशाला में प्रतिभाग किया। इस कार्यशाला का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने किया। 

इस अवसर पर कुलपति ने अपने उद्बोधन में कहा कि विश्वविद्यालय का यह प्रयास है कि उससे सम्बद्ध सभी महाविद्यालय नैक मूल्यांकन एवं एन.आई.आर.एफ. रैंकिंग हेतु प्रयास करें। विश्वविद्यालय उनके इस प्रयास में हर सम्भव सहायता करेगा। महाविद्यालयों को प्रोत्साहित  करने हेतु विश्वविद्यालय ने नैक मूल्यांकन के लिए आवदेन करने वाले प्रथम 25 महाविद्यालयों को 15,000 रुपए  की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा यूनिवर्सिटी  कॉलेज  अक्रेडिटेशन, रिव्यु एंड  एक्सीलेंस  स्कीम के अंतर्गत की है। नैक मूल्यांकन एवं एन.आई.आर.एफ. रैंकिंग में आवेदन करने से सम्बद्ध महाविद्यालयों की गुणवत्ता में और वृद्धि होगी। 

उद्घाटन सत्र में प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी, निदेशक, महाविद्यालय विकास परिषद ने सभी का स्वागत किया। 

प्रो. संदीप कुमार सिंह, निदेशक, आई.क्यू.ए.सी. ने कार्यशाला के बारे में अवगत कराया एवं राकेश कुमार मिश्रा, कुलसचिव ने धन्यवाद ज्ञापन दिया । 

इस कार्यशाला में दो तकनीकी सत्र संपन्न हुए-प्रथम तकनीकी सत्र-नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेम वर्क के बारे में हुआ जिसमें वक्ता डॉ. राकेश कुमार शर्मा एवं आई.क्यू.ए.एी. के सहायक निदेशक डॉ. मोहित कुमार ने एन.आई.आर.एफ. के बारे में विस्तृत जानकारी सभी को प्रदान की। एन.आई.आर.एफ. के संबंध में प्रतिभागियों ने दोनों शिक्षकों से अपने प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया। 

द्वितीय तकनीकी सत्र-नेशनल एसेसमेंट एण्ड एक्रेडेशन  की रैंकिंग के संबंध में हुआ। इसमें वक्ता डा. विशाल अवस्थी ने क्राईटेरिया-1, वक्ता डॉ. प्रकाश चन्द्र गुप्ता ने क्राईटेरिया-2, वक्ता डॉ. विशाल चंद ने क्राईटेरिया-3, वक्ता डॉ. अभिषेक चंद्रा ने क्राईटेरिया-5, वक्ता डा. प्रवीन कटियार ने क्राईटेरिया-7 के संबंध में जानकारी दी। सभी ने अपने क्राईटेरिया से संबंधित डाक्यूमेंट्स या अन्य विवरण कैसे नैक मूल्यांकन हेतु व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत किया जाये की जानकारी दी। प्रतिभागी शिक्षकों ने सभी से विभिन्न प्रश्न पूछे। वक्ताओं ने सभी प्रश्नों का उत्तर देकर उन्हें सही मार्गदर्शन प्रदान किया। 

इस अवसर पर विश्वविद्यालय आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की सहायक निदेशक डॉ. हिना वैश्य एवं अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे ।  

कार्यशाला का संचालन विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के सह-निदेशक डा. प्रवीन कटियार द्वारा किया गया।