March 1, 2026

संवाददाता 

कानपुर। शेयर खरीदने-बेचने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले सुशील धवन को शुक्रवार सुबह पुलिस ने जेके मंदिर नहर के पास स्थित शिवानी क्लीनिक से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बीमारी का इलाज कराने के बहाने छिपा हुआ था। उस पर काकादेव और नजीराबाद थानों में आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। ठगी के मामलों में उसकी पत्नी और पिता को भी सह-आरोपी बनाया गया है।
सर्वोदय नगर स्थित मोती विहार सोसाइटी निवासी सुशील धवन का कौशलपुरी में ऑफिस है, जहां वह शेयर ब्रोकिंग का काम करता था। आरोप है कि वर्ष 2021 में पांडु नगर मॉडल टाउन निवासी प्रदीप मंगा के करीब दो करोड़ रुपये कीमत के शेयर कूटरचित दस्तावेजों के जरिए हड़प लिए गए। इस मामले में सुशील, उसकी पत्नी अंजली और रुद्रा शेयर्स एंड ब्रोकर्स कंपनी के खिलाफ नजीराबाद थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।
वर्ष 2024 में कौशलपुरी निवासी रिचा शर्मा ने 51 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाते हुए सुशील, उसके पिता, पत्नी अंजली और मयंक तिवारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके अलावा जनवरी 2026 में कल्याणपुर निवासी सेवानिवृत्त केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधीक्षक विष्णुदत्त त्रिवेदी से 60 लाख और आवास विकास-एक निवासी एक अन्य अधिकारी से 7 लाख रुपये ठगने का मामला भी सामने आया।
मंगलवार को व्यापारी नेता कपिल सब्बरवाल के साथ कई पीड़ित डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव से मिले। पांडु नगर निवासी कारोबारी प्रतीक रस्तोगी ने 1.57 करोड़, बैंक मैनेजर अशोक कपूर ने 1.50 करोड़, काकादेव निवासी अशोक मेहरा ने 50 लाख और आकांक्षा नामक महिला ने 2 लाख रुपये हड़पने की शिकायत की।
डीसीपी ने मामले की जांच एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके को सौंपी, जिसके बाद पुलिस टीम सक्रिय हुई। लगातार दबिश के बीच शुक्रवार सुबह आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर अन्य पीड़ितों और रकम के लेन-देन की पड़ताल कर रही है।