March 14, 2026

संवाददाता
कानपुर। 
दरोगा समेत 10 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर नवाबगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है कि सभी ने शराब पीने के लिए पैसे न देने पर छात्र के कमरे में घुस कर मारपीट करी थी और पिस्टल तानकर जातिसूचक गालियां दी थी। पीड़ित का आरोप है कि दरोगा ने अपनी पत्नी से उसके खिलाफ फर्जी रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।
नवाबगंज थाना क्षेत्र स्थित गंगा नगर सोसाइटी निवासी विश्वविद्यालय के छात्र सचिन चंद्रा ने थाने के दरोगा निखिल कुमार शर्मा, मकान मालिक भूपेंद्र समेत 8 से 10 अज्ञात पुलिस वालों के खिलाफ मारपीट, धमकाने और जातिसूचक गाली देने की रिपोर्ट कोर्ट के जरिए दर्ज कराई है।
छात्र का आरोप है कि दरोगा उसके पड़ोस में रहता है। दरोगा उससे शराब पीने के लिए रुपए मांगता था, उसके इंकार करने पर दरोगा गाली-गलौज करता था। 

26 अक्टूबर 24 को दरोगा और उसके साथी गाली-गलौज कर रहे थे, जिस पर वह कमरे में चला गया था। थोड़ी देर बाद दरोगा और 8 से 10 पुलिस वाले उसके कमरे में घुस आए और उसे पीटा। इसके बाद पिस्टल तानकर उसे जातिसूचक गालियां दीं।
पीड़ित ने बताया कि थाने में शिकायत करने पर उसकी सुनवाई न होने पर पुलिस कमिश्नर से शिकायत की, जिसके बाद मामले की जांच एसीपी कर्नलगंज को सौंपी गई। एसीपी ने पीड़ित को तीन घंटे तक कार्यालय में बैठाने के बाद भगा दिया। वह फिर पुलिस कमिश्नर से मिला तो उन्होंने एसीपी कल्याणपुर को जाँच सौंप दी।
इस बीच दरोगा ने अपनी पत्नी की ओर से उसके व उसके रूम पार्टनर कुनाल के खिलाफ फर्जी रिपोर्ट दर्ज करा दी। अब दरोगा समझौते का दबाव डाल रहा है। 

नवाबगंज पुलिस ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।