
संवाददाता
कानपुर। नगर के तीन नाराज पार्षद बीजेपी के शीर्ष नेताओं से मिलकर वापस कानपुर आ गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी समस्याओं और शिकायतों को लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष के सामने रखा गया है। हम सब निष्कासित पार्षदों को पार्टी के आला कमान ने न्याय का भरोसा दिया है।
पार्षदों से प्रदेश अध्यक्ष ने 30 मिनट तक बात की। पार्षदों ने मेयर की शिकायत की। एक पत्र अलग से सौंपा। उस पर भी प्रदेश अध्यक्ष ने जांच करा कर कार्यवाई करने का आश्वासन दिया है। शहर की समस्याओं और शिकायतों की जानकारी भी दी। प्रदेश अध्यक्ष ने सभी पार्षदों को 15 फरवरी के बाद लखनऊ बुलाया है।
निष्कासित पार्षद पवन गुप्ता ने कहा, “जो निष्कासन हुआ है, वह गलत है। इस बात की हम लड़ाई लड़ रहे हैं। इसलिए हम जिला स्तर से लेकर शीर्ष नेतृत्व से मिलने जा रहे हैं। अपने नेताओं से मिलकर हमने लिखित और मौखिक रूप से अपनी बात रखी है।
हमने प्रदेश अध्यक्ष को बताया कि हम लगातार यह मांग कर रहे हैं कि सदन में उस दिन जो भी हुआ था, उसका वीडियो निकलवा लिया जाए। उसकी जांच कराकर कार्यवाई की जाए। इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
जब हमने सदन में मंगल भवन को लेकर सवाल पूछा, तो दो पार्षदों ने हमसे सदन में ही गाली-गलौज की। इसका वीडियो निकलवा कर उन दोनों पार्षदों को निलंबित किया जाना चाहिए। अगर हम जनता की आवाज़ सदन में नहीं उठाएंगे, तो कौन उठाएगा।
महापौर के दो चहेते पार्षदों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, क्योंकि मेयर अम्मा बनकर एक बच्चे को दूध-मलाई और दूसरे को पानी में जहर दे रही है।
निष्कासित बीजेपी पार्षद पवन गुप्ता ने कहा कि हम लोगों के साथ गलत हुआ। हम लोगों ने अनुशासनहीनता नहीं की है।
बीजेपी पार्षद विकास जायसवाल का कहना है कि मुझे और मेरे साथी पार्षद को बिना कारण निष्कासित कर दिया गया। हमने देखा कि सदन में उस दिन पार्षदों ने अनुशासनहीनता नहीं की, बल्कि जल्दबाज़ी में राष्ट्रगान करा के समय से पहले सदन समाप्त किया गया।
जिससे सदन का अपमान हुआ। इस पर कार्यवाही तो होनी चाहिए थी। बड़ी बात ये है कि, पहली बार प्रदेश अध्यक्ष कानपुर आए तो जाजमऊ से लेकर कानपुर यूनिवर्सिटी तक स्वागत होर्डिंग से सजा हुआ था।
लेकिन प्रदेश अध्यक्ष यूनिवर्सिटी में भाषण दे रहे थे और
दूसरी तरफ नगर निगम उनके स्वागत के लिए लगाए गए बैनर-पोस्टर हटा रहा था। बीजेपी नेताओं में इसका बड़ा रोष था।
जैसा मौहाल है, हम बीजेपी का नुकसान नहीं होने देंगे। प्रदेश अध्यक्ष को हमने सभी बातों से अवगत करा दिया है। कानपुर में सीसामऊ विधानसभा में उपचुनाव हुए, उस समय नगर निगम की अतिक्रमण कार्यवाही के कारण हमें नुकसान हुआ। हम मिल्कीपुर विधानसभा जीत गए, लेकिन सीसामऊ कैसे हारे, इसकी समीक्षा होनी चाहिए।






