January 22, 2026

संवाददाता
कानपुर। 
एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव कैबिनेट मंत्री राकेश सचान की बेटी की शादी में शामिल होने के बाद शाम को पूर्व राज्यसभा सांसद सुखराम सिंह यादव के घर पहुंचे। सुखराम के पिता स्व. चौधरी हरमोहन सिंह यादव समाजवादी पार्टी के फाउंडर मेंबर व मुलायम सिंह के काफी नजदीकी थे।
राजनैतिक जानकारों की मानें तो अब यूपी में यादवों को साधने के लिए भाजपा एमपी के सीएम का सहारा ले रही है।
सचान के यहां वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कानपुर में ही पूर्व राज्यसभा सदस्य सुखराम सिंह यादव के घर पहुंचे। यहां पर भाजपा के कार्यकर्ताओं और चौधरी परिवार ने फूलों की बारिश करके उनका भव्य स्वागत किया।
यहां पर पहुंचने के बाद सीएम ने सबसे पहले स्व. हरमोहन सिंह यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। इसके बाद एमपी के सीएम का माला पहनाकर स्वागत किया गया। उन्होंने चौधरी परिवार के साथ करीब एक घंटे तक समय बिताया। इस दौरान सुखराम के बेटे मोहित यादव समेत अन्य पारिवारिक लोग और भाजपा नेता मौजूद रहे।
एमपी के सीएम के सुखराम यादव के घर जाने के बाद राजनैतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि यूपी में अब मोहन यादव के जरिए यादव बिरादरी को साधने की कोशिश की जा रही है। सपा की सरकार में स्व. हरमोहन सिंह यादव को मिनी मुख्यमंत्री माना जाता था।
सुखराम के ताऊ 1977 में कानपुर की बिल्हौर सीट से सांसद चुने गए थे। इसके बाद सुखराम के पिता हरमोहन सिंह अखिल भारतीय यादव महासभा का संचालन करते रहे। यादव मतदाताओं पर महासभा का एक समय अच्छा प्रभाव था। हरमोहन और उनका परिवार पूरी तरह समाजवादी था। 2016 में सुखराम सिंह यादव समाजवादी पार्टी के कोटे से राज्यसभा गए थे।
2021 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, स्व. हरमोहन सिंह यादव के जन्मशताब्दी समारोह में मेहरबान सिंह का पुरवा आए थे। 2022 में राज्यसभा का कार्यकाल खत्म होने के एक महीने पहले हरमोहन सिंह यादव की 10वीं पुण्यतिथि के कार्यक्रम को पीएम मोदी ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित किया था।
सुखराम के बेटे इसके पहले ही बीजेपी जॉइन कर चुके थे। समीक्षकों का कहना है कि मोहन यादव के रास्ते बीजेपी यादव वोटरों को संदेश देने का प्रयास कर रही है। 

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