
संवाददाता
कानपुर। नौबस्ता में पति की हत्या करने वाली पत्नी और उसके प्रेमी को एडीजे–20 नीलांजना की कोर्ट ने उम्रकैद और 30–30 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में घटना की प्रत्यक्षदर्शी बेटी की गवाही अहम साबित हुई, उसने कोर्ट में बताया कि मम्मी-पापा भाई के साथ लखनऊ गए थे, आयुष भी साथ में था। हम लोग होटल में पांच दिन रुके। पापा और आयुष खाना लेने जाते थे।
एक दिन मैं सोने जा रही थी। कंबल में छिपकर देखा तो आयुष ने गिलास में कुछ सफेद मिलाया था और मम्मी ने सोते हुए पापा को पिलाया था, इसके बाद पापा के खर्राटे बंद हो गए। एंबुलेंस से मम्मी पापा को हॉस्पिटल लेकर गई थी। थोड़ी देर बाद पापा को हॉस्पिटल में छोड़ कर हम लोग वापस घर आ गए थे।
किदवई नगर वाई ब्लााक के रहने वाले पुनीत कुमार शर्मा ने नौबस्ता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि उनके इकलौते बेटे प्रतीक की शादी फैजाबाद की नेहा शर्मा के साथ वर्ष 2017 में हुई थी। बेटा मेडिकल स्टोर चलाता था। 6 मार्च 2024 को नेहा पति, बेटे प्रतीक और बच्चों पांच साल की मान्या और तीन साल के अबिराज को लेकर फैजाबाद स्थित मायके जाने के लिए निकली थी। 12 मार्च को वह बच्चों के साथ वापस आ गई, लेकिन बेटा नहीं आया। पूछने पर बहू ने बताया कि रास्ते में गाड़ी खराब हो गई थी।
दो तीन दिन में वापस आ जाएंगे, इसके बाद उन्होंने बेटे के मोबाइल पर फोन किया लेकिन संपर्क नहीं हो सका। 16 मार्च 2024 को बहू पोते अबिराज को दवा दिलाने के बात कहकर दोनों बच्चों को लेकर चली गई और वापस नहीं लौटी। इस पर नौबस्ता थाने में बेटा बहू और दोनों बच्चों की गुमशुदगी दर्ज करायी।
इसी बीच पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो पता चला कि नेहा के अवैध संबंध प्रतीक के दोस्त आयुष से हो गए थे। इन लोगों ने साजिश के तहत लखनऊ ले जाकर आयुष को जहर दे दिया।लखनऊ में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
नौबस्ता पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। एडीजीसी संजय कुमार झा ने बताया कि सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए कोर्ट को फैसला सुनाना था। इसी बीच नेहा शर्मा के नए अधिवक्ता ने सफाई साक्ष्य का प्रार्थना पत्र दिया। अभियोजन ने इस पर आपत्ति जताई, जिस पर उसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
अभियोजन की तरफ से 7 गवाह पेश किए गए थे। बेटी अभिश्री ने कोर्ट में बयान दिए थे कि आयुष और मेरी मां ने पापा को कुछ सफेद-सफेद घोलकर पिला दिया था। उसके बाद पापा के खर्राटे बंद हो गए थे। उसके बाद पापा को हास्पिटल भेज दिया था।






