• भाजपा सरकार पर कानून-व्यवस्था से लेकर विकास तक तीखे सवाल।

संवाददाता
कानपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कानपुर दौरे के दौरान भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा।
निजी कार्यक्रमों में शिरकत करने पहुंचे अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था, औद्योगिक पतन, प्रदूषण, जाम, बिजली संकट और चुनावी प्रक्रिया को लेकर एक के बाद एक तीखे सवाल दागे। उन्होंने कहा कि औद्योगिक पहचान वाला कानपुर आज विकास की बजाय विवादों और बदइंतज़ामी के कारण सुर्खियों में है।
पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने शहर में लगातार सामने आ रही कार पलटने की घटनाओं, पुलिस-वकील गुटबाजी और कथित एनकाउंटर मामलों का ज़िक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने कानपुर की छवि को गहरी चोट पहुंचाई है।
उन्होंने ब्राह्मण मां-बेटी की झोपड़ी जलाने की घटना को बेहद गंभीर बताते हुए इसे प्रशासनिक असंवेदनशीलता का उदाहरण बताया।
उन्होंने सीएमओ और जिलाधिकारी के बीच चले विवाद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब जिम्मेदार अधिकारी आपस में ही टकराव में उलझे हों, तो आम जनता को राहत कैसे मिलेगी। अखिलेश यादव ने ऐतिहासिक लाल इमली मिल के बंद होने को भी सरकार की विफलता करार दिया और कहा कि कभी रोज़गार की पहचान रही मिल आज सरकारी उदासीनता की कहानी बयां कर रही है।गंगा प्रदूषण पर हमला बोलते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि स्मार्ट सिटी का दावा करने वाली सरकार गंगा में गिरते प्रदूषित नालों पर नियंत्रण नहीं कर पा रही है। जाम और गंदगी को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा और कहा कि शहर की बुनियादी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
पनकी पावर प्लांट का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इससे कानपुर और आसपास के इलाकों में बिजली संकट दूर हो सकता था, लेकिन सरकार ने इच्छाशक्ति नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि यदि उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल नीतियां बनाई जाएं तो कानपुर एक बार फिर औद्योगिक हब बन सकता है।
चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने एसआईआर और फार्म-7 को लेकर आपत्ति जताई और निष्पक्ष चुनाव की मांग की। साथ ही केंद्र सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ नीति, शिक्षा व्यवस्था और बजट को लेकर भी सरकार पर हमला बोला।
लैंबॉर्गिनी दुर्घटना मामले पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा— “हथेली गरम, पुलिस नरम”, जो मौजूदा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।






