
संवाददाता
कानपुर। सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी पर गैंगस्टर एक्ट के मामले में कानपुर कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। अब अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी। इस दिन सरकार की ओर से पहला गवाह पेश किया जाएगा।
पेशी से पहले इरफान ने बेटे को गले लगाया। कंधे पर हाथ रखकर हालचाल पूछने लगे तो दरोगा विनीत कुमार ने हाथ छुड़ाने की कोशिश की। इस पर इरफान और पुलिस में बहस हो गई। इरफान बोले- मेरा बेटा है। क्या मिल नहीं सकता?
पत्नी नसीम सोलंकी के विधायक बनने पर इरफान ने कहा- यह सब कानपुर वालों की दुआ है, जिन्होंने पत्नी को विधायक बनाया।
इरफान को महाराजगंज जेल से कड़ी सुरक्षा में कानपुर लाया गया। 400 किमी की दूरी तय कर दोपहर 12 बजे वे कोर्ट पहुंचे। यहां मां खुर्शीद बानो, पत्नी नसीम और बच्चे मौजूद रहे।
नसीम सोलंकी बोलीं कि मैं उनके लिए ही विधायक बनी हूं। मेरे लिए वो विधायकी पद से हटे नहीं हैं। जो होना था, वो हो गया। अब इंसाफ मिलेगा।
इरफान जाजमऊ में महिला के प्लॉट पर आगजनी केस में 2 दिसंबर 2022 से जेल में बंद हैं। इसी केस में 7 जून 2024 को उन्हें 7 साल की सजा हुई और विधायकी चली गई। नवंबर 2024 के उपचुनाव में उनकी पत्नी नसीम सोलंकी विधायक बनीं। इसके बाद पहली बार इरफान को पेशी पर कानपुर लाया गया।
जाजमऊ थाने में 26 दिसंबर 2022 को तत्कालीन इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे ने इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान सोलंकी, इजरायल आटेवाला, मो. शरीफ, शौकत पहलवान, एजाज उर्फ अज्जन, मुरसलीन भोलू के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें इरफान सोलंकी को गैंग का लीडर बनाया गया था।
गैंगस्टर केस में इरफान, रिजवान, शौकत पहलवान और एजाज ने एडीजे -8 विनय कुमार गुप्ता की कोर्ट में डिस्चार्ज याचिका दाखिल की थी। 31 अगस्त 2025 को कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपियों की याचिका खारिज कर दी थी। इसके साथ ही आरोप तय के करने के लिए 10 सितंबर की तारीख तय की थी।
10 सितंबर को कानपुर की एडीजे -8 कोर्ट में आरोपियों को तलब किया गया था। हालांकि, इरफान सोलंकी बीमार होने के कारण कोर्ट में पेश नहीं हो सके। कोर्ट में इरफान की ओर से याचिका दी गई कि उन्हें इलाज के लिए गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल जाने की डेट फिक्स थी, इस कारण वह कोर्ट पहुंचने में असमर्थ रहे। फिर कोर्ट ने अगली तारीख 17 सितंबर तय की थी।
मुकदमे के आरोपी रिजवान और इजराइल आटेवाला कानपुर जेल में बंद है। बाकी आरोपी जमानत पर हैं।
इरफान सोलंकी की पेशी को देखते हुए कानपुर कोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।
पिछले साल 7 जून को इरफान सोलंकी को कानपुर की एमपी – एमएलए कोर्ट ने जाजमऊ आगजनी केस में 7 साल की सजा सुनाई थी। 30 हजार 500 का जुर्माना भी लगाया गया था। इरफान के भाई रिजवान सोलंकी के अलावा उसके साथियों इजराइल आटावाला, मो. शरीफ और शौकत अली को भी 7 साल की सजा सुनाई गई थी।
जाजमऊ की डिफेंस कॉलोनी में रहने वाले इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान समेत अन्य गुंडों पर पड़ोसी महिला नजीर फातिमा का प्लॉट में बने अस्थायी घर फूंकने का आरोप था। नजीर फातिमा ने 8 नवंबर 2022 को जाजमऊ थाने में इरफान, रिजवान समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
आरोप था, 7 नवंबर 2022 को रात 8 बजे उसका परिवार भाई की शादी में गया था। तभी रिजवान सोलंकी, इरफान सोलंकी और उनके साथियों ने घर में आग लगा दी। साजिश के तहत ऐसा किया गया, जिससे वह घर छोड़कर भाग जाए और विधायक परिवार उस पर कब्जा कर ले। आग से गृहस्थी, फ्रिज, टीवी, सिलेंडर और बाकी सामान जल गया था।
रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जाजमऊ पुलिस ने जांच शुरू की। इसमें सामने आया कि शौकत, शरीफ और इजराइल आटावाला, अनूप यादव, महबूब आलम, शमशुद्दीन, एजाजुद्दीन, मो. एजाज, मुर्सलीन भोलू, शकील चिकना भी इस केस में शामिल थे। इरफान को इसी केस में 7 साल की सजा हुई।
गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद इरफान और उनके गैंग की करीब 30 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की गई। साथ ही इरफान के 5 ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की थी। जिसमें संपत्तियों की लंबी फेहरिस्त मिली है। वहीं, जब इरफान कानपुर जेल में बंद थे, तब अखिलेश यादव उनसे मिलने गए थे। इसके बाद उन्हें महराजगंज जेल शिफ्ट कर दिया गया।
इरफान सोलंकी राजस्थान के अजमेर में 5 जून, 1979 को हाजी मुश्ताक सोलंकी के घर जन्मे। राजनीति इरफान को विरासत में मिली है। उनके पिता मुश्ताक सोलंकी मुलायम सिंह यादव के काफी करीबी रहे हैं।
अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए इरफ़ान सोलंकी ने पहली बार साल 2007 में कानपुर जिले में आर्य नगर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा। वह इस चुनाव में सपा को जीत दिलाने में सफल रहे। इसके बाद 2012 में और 2017 की मोदी लहर में भी सोलंकी को कोई हरा नहीं पाया।
दोनों ही चुनाव में वह सपा के टिकट पर सीसामऊ सीट से चुनाव लड़े थे। 2022 में भी सोलंकी को इसी सीट पर जीत मिली थी। साल 2003 में इरफान सोलंकी की नसीम सोलंकी के साथ शादी हुई थी, उनका एक बेटा और दो बेटियां हैं। पेशे से कारोबारी इरफान सोलंकी का लेदर का कारखाना भी है।
मोदी लहर में भाजपा के गढ़ कानपुर में 2017 के चुनाव में भी भाजपा इस सीट को भेद नहीं सकी थी। इरफान सोलंकी लगातार तीसरी बार विधायक बने थे। इसके बाद वह चर्चा में आए थे कि मोदी लहर में भी लगातार तीसरी बार इरफान सोलंकी विधायक बने और फिर 2022 में चौथी बार भी चुनाव जीते, भाजपा की कड़ी मशक्कत और मेहनत का नतीजा यह रहा था कि जीत का अंतर कम हो गया था। करीब 12 हजार वोट से इरफान ने जीत हासिल की थी।






