March 28, 2026

संवाददाता 

कानपुर।  आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर ने अभिव्यक्ति 2026 का सफल आयोजन किया। यह दो दिवसीय डीप-टेक सम्मेलन था, जिसमें देश के प्रमुख स्टार्टअप्स, नीति-निर्माता, निवेशक और वैज्ञानिक शामिल हुए। 

कार्यक्रम का विषय “उन्नत शोध को वैश्विक समाधानों में बदलना” था। इस आयोजन ने भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम में आईआईटी कानपुर की महत्वपूर्ण भूमिका को और मजबूत किया।

इस सम्मेलन में 150 से अधिक स्टार्टअप्स ने भाग लिया। ये स्टार्टअप्स एआई /एमएल, मेडटेक, क्लीनटेक, रक्षा एवं एयरोस्पेस, साइबर सुरक्षा, फिनटेक, आईओटी और एग्रीटेक जैसे क्षेत्रों से जुड़े थे। निवेशकों और विशेषज्ञों की मौजूदगी ने आईआईटी कानपुर को सहयोग, मार्गदर्शन और निवेश के लिए एक सक्रिय मंच बना दिया।

कार्यक्रम का उद्घाटन के. विजयेंद्र पांडियन, आयुक्त, कानपुर एवं कुलपति, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, तथा प्रो. विनय कुमार पाठक, कुलपति, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर ने किया।

अभिव्यक्ति 2026 में “वैली ऑफ डेथ” यानी शोध और बाजार के बीच की दूरी को कम करने पर खास ध्यान दिया गया। विशेषज्ञों ने शुरुआती तकनीकों के जोखिम को कम करने, फंडिंग बढ़ाने और स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। मेडटेक में नियमों से जुड़ी चुनौतियां, शोध को उत्पाद में बदलने की प्रक्रिया और सीएसआर के माध्यम से फंडिंग जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

दूसरे दिन कार्यक्रम में नए बैच लॉन्च, एमओयू साइनिंग और वर्कशॉप्स आयोजित की गईं। स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। महिलाओं द्वारा संचालित एक विशेष पैनल ने डीप-टेक में उनकी भूमिका और भागीदारी को भी उजागर किया।

अभिव्यक्ति 2026 की मुख्य आकर्षणों में से एक पिच बैटल रहा, जिसमें स्टार्टअप्स ने अपने नवाचारों को एक प्रतिष्ठित जूरी के सामने प्रस्तुत किया। एथ्रोन एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, इसके बाद गोफ्लोट टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड और सिमैक्ट्रिकल्स प्राइवेट लिमिटेड क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।

औपचारिक सत्रों के अलावा, इस कार्यक्रम में प्रदर्शनी और नेटवर्किंग के जरिए स्टार्टअप्स और निवेशकों के बीच सीधी बातचीत हुई। इससे फंडिंग, साझेदारी और मार्गदर्शन के नए अवसर बने।

अभिव्यक्ति 2026 केवल एक प्रदर्शनी नहीं थी, बल्कि यह स्टार्टअप्स को तेजी से आगे बढ़ाने और पूरे इकोसिस्टम को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। इसने एसआईआईसी की उस प्रतिबद्धता को दिखाया, जिसमें वह स्टार्टअप्स को शोध से बाजार और वैश्विक स्तर तक पहुंचाने में मदद करता है।