—ऑपरेशन महाकाल के तहत पुलिस ने शातिर आरोपित को किया गिरफ्तार, एक दर्जन से अधिक शिकायतें मिलीं।

संवाददाता
कानपुर। कमिश्नरेट पुलिस के ‘ऑपरेशन महाकाल’ को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक ऐसे शातिर युवक को गिरफ्तार किया है, जो दर्जन भर व्यापारियों और कारोबारियों को जमीन का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोपी है। हैरान कर देने वाली इस घटना में आरोपित का तरीका बेहद खतरनाक था – पीड़ितों द्वारा पैसा वापस मांगने पर वह उनके खिलाफ उनकी ही पत्नी से छेड़छाड़ का फर्जी मुकदमा दर्ज करा देता था।
जानिए क्या है पूरा मामला?
मामले की शुरुआत आर्यनगर निवासी एक बिल्डर तरुण गोयल की लिखित शिकायत से हुई। गुरुवार को डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता कर इस धोखाधड़ी के तरीकों से पर्दा उठाया।
डीसीपी के मुताबिक, आरोपित प्रदीप गुप्ता (निवासी चकेरी का लाल बंगला) ने मरहला चौराहे के पास एक टाउनशिप बसाने का झांसा दिया। उसने तरुण गोयल को 400 वर्ग गज की एक जमीन के फर्जी दस्तावेज दिखाए और उन्हें फंसा लिया।
· साल 2020 में, प्रदीप ने उस जमीन के नाम पर तरुण से 25 लाख रुपये लिए।
· तीन साल बाद, उसने फिर से 20 लाख रुपये लेकर एक औपचारिक एग्रीमेंट भी कराया।
· इसके बाद, चालाकी से उसने एग्रीमेंट रद्द करा दिया।
धोखे से ज्यादा, धमकी और दबदबा
जब तरुण गोयल अपनी जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे, तो प्रदीप गुप्ता ने न सिर्फ उनकी मारपीट की, बल्कि उन्हें वहां से भगा दिया। 30 दिसंबर, 2024 को जब तरुण एक बार फिर अपना पैसा मांगने पहुंचे, तो प्रदीप ने जवाबी कार्रवाई करते हुए तरुण के खिलाफ उसकी पत्नी से छेड़छाड़ का फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया।
‘ऑपरेशन महाकाल’ ने दिलाई हिम्मत
पीड़ित तरुण गोयल ने बताया कि कानपुर पुलिस द्वारा ‘ऑपरेशन महाकाल’ के तहत भूमाफियाओं के खिलाफ चलाई जा रही सख्त कार्रवाई से उन्हें हिम्मत मिली और उन्होंने आरोपित के खिलाफ आवाज उठाई।
पुलिस ने दर्ज की गिरफ्तारी, और भी शिकायतें सामने आईं
पीड़ित की शिकायत मिलने के बाद डीसीपी मध्य एस.के. सिंह ने एसीपी कर्नलगंज अमित चौरसिया को जांच सौंपी। जांच में सभी आरोप सत्य पाए गए। इसके आधार पर आरोपित प्रदीप गुप्ता को श्याम नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।
सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इस आरोपित के खिलाफ अब तक चार अन्य लिखित शिकायतें (तहरीर) और करीब नौ लोगों की मौखिक शिकायतें सामने आ चुकी हैं, जो एक बड़े ठगी नेटवर्क का संकेत देती हैं। आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
पुलिस का मानना है कि और भी पीड़ित हैं जो आरोपित के डर के कारण आगे नहीं आ पा रहे थे। पुलिस ने ऐसे सभी पीड़ितों से संपर्क करने की अपील की है।