
संवाददाता
कानपुर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के भिलाई स्टील प्लान्ट में अत्याधुनिक सुरक्षा संचालन केंद्र की सफलतापूर्वक स्थापना कर उसे लाइव किया है। यह उपलब्धि भारत की सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक अवसंरचनाओं में से एक की साइबर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नवस्थापित सुरक्षा संचालन केंद्र सुविधा का औपचारिक उद्घाटन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल तथा भिलाई स्टील प्लान्ट के निदेशक सी. आर. महापात्रा द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह के दौरान सी 3आईहब की सीईओ डॉ. तनिमा हाजरा, बीएसपी के महाप्रबंधक आईटी एम. पी. सिंह, तथा सी3आईहब और बीएसपी के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
उद्घाटन के दौरान सुरक्षा संचालन केंद्र की क्षमताओं का एक समग्र प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया, जिसमें इसकी एंड-टू-एंड सुरक्षा निगरानी एवं प्रबंधन क्षमताओं को प्रदर्शित किया गया। इस प्रदर्शन तथा गो-लाइव को बीएसपी द्वारा व्यापक सराहना प्राप्त हुई, जिससे सी3आईहब की सुव्यवस्थित तैयारी, निर्बाध क्रियान्वयन तथा परिचालन उत्कृष्टता के प्रति उसकी दृढ़ और अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि हुई।
सुरक्षा संचालन केंद्र सुविधा के उद्घाटन के अवसर पर आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने कहा स्कैडा और आईओटी उपकरणों जैसे आपस में जुड़े सिस्टम स्टील संयंत्रों के संचालन का अभिन्न हिस्सा हैं, और इसलिए निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण अवसंरचना की सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। सेल भिलाई स्टील प्लांट में सुरक्षा संचालन केंद्र
की सफल तैनाती इस बात का सशक्त उदाहरण है कि किस प्रकार शिक्षण संस्थान, प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र और उद्योग मिलकर भारत की महत्वपूर्ण अवसंरचना को सुदृढ़ कर सकते हैं। जैसे-जैसे उद्योग 4.0 के अंतर्गत औद्योगिक प्रणालियों में डिजिटल प्रौद्योगिकियों का एकीकरण बढ़ रहा है, साइबर सुरक्षा परिचालन लचीलापन ऑपरेशनल रेज़िलिएंस की आधारशिला बनती जा रही है। सी3आईहब का सुरक्षा संचालन केंद्र, उन्नत साइबर सुरक्षा अनुसंधान को व्यावहारिक और उच्च-प्रभावी समाधानों में रूपांतरित करने की आईआईटी कानपुर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो राष्ट्रीय परिसंपत्तियों की सुरक्षा करता है और सुरक्षित एवं सतत औद्योगिक विकास का समर्थन करता है।
सी3आईहब का सुरक्षा संचालन केंद्र सूचना प्रौद्योगिकी तथा परिचालन प्रौद्योगिकी दोनों की साइबर प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अभिकल्पित किया गया है, जो उद्योग 4.0 परिवेश की उभरती आवश्यकताओं के अनुरूप है। एक केंद्रीकृत एवं एकीकृत मंच के रूप में विकसित यह सुरक्षा संचालन केंद्र उद्यम तथा औद्योगिक प्रणालियों में निरंतर निगरानी, वास्तविक-समय खतरा पहचान तथा त्वरित घटना-प्रतिक्रिया को सक्षम बनाता है। सक्रिय जोखिम पहचान और समयोचित प्रतिक्रिया के माध्यम से यह सुरक्षा संचालन केंद्र बीएसपी को अपनी साइबर सुरक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने, परिचालन निरंतरता सुनिश्चित करने तथा विकसित होते साइबर खतरों से महत्वपूर्ण औद्योगिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा करने में सहायक होगा I
यह सुरक्षा संचालन केंद्र किसी संगठन की साइबर सुरक्षा गतिविधियों के लिए केंद्रीय तंत्रिका केंद्र के रूप में कार्य करता है, जो 24×7 निगरानी, खतरा पहचान तथा घटना-प्रतिक्रिया क्षमताएँ प्रदान करता है। उन्नत विश्लेषण, मशीन लर्निंग और विशेषज्ञ निगरानी का उपयोग करते हुए सुरक्षा संचालन केंद्र संगठनों को जोखिम न्यूनीकरण, विनियामक मानकों के अनुपालन तथा साइबर घटनाओं से होने वाले डाउनटाइम को न्यूनतम करने में सहायता करता है। स्टील प्लान्ट जैसे औद्योगिक परिवेश में, जहाँ आईटी और ओटी का अभिसरण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, सुरक्षा संचालन केंद्र ऐसे खतरों के विरुद्ध सक्रिय सुरक्षा सुनिश्चित करता है जो उत्पादन में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं या सुरक्षा से समझौता कर सकते हैं।
यह परिनियोजन भारत के महत्वपूर्ण अवसंरचना क्षेत्रों के लिए अत्याधुनिक साइबर सुरक्षा अनुसंधान को वास्तविक, विस्तारयोग्य समाधानों में रूपांतरित करने के सी3आईहब के निरंतर मिशन को प्रतिबिंबित करता है। साथ ही, यह नवाचार, सहयोग तथा क्षमता निर्माण के माध्यम से राष्ट्रीय साइबर प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।






