March 10, 2026

संवाददाता

कानपुर। आईआईटी कानपुर ने शिबोधि फाउंडेशन के सहयोग से फ्यूचर सिक्योर एआई इनोवेशन प्रोग्राम आधिकारिक रूप से लॉन्च किया है। यह एक अहम पहल है जिसका उद्देश्य अंडरग्रेजुएट छात्रों में डीप-टेक उद्यमिता को बढ़ावा देना है।

इस लॉन्च इवेंट में डॉ. बीवीआर मोहन रेड्डी, फाउंडर चेयरमैन और बोर्ड सदस्य, साइंट, डॉ. पीएनएसवी नरसिंहम, प्रेसिडेंट और हेड ऑफ कॉर्पोरेट फंक्शंस, साइंट, प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल, निदेशक आईआईटी कानपुर, प्रो. दीपू फिलिप, प्रोफेसर इंचार्ज, एसआईआईसी, आईआईटी कानपुर, और कपिल कौल, सीईओ  आईआईटी कानपुर डेवलपमेंट फाउंडेशन ने छात्र समुदाय को अपना समर्थन देकर उनका उत्साहवर्धन किया।

एफएसएआई प्रोग्राम छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  और साइबर सुरक्षा में नवाचारपूर्ण समाधान विकसित करने के लिए सशक्त बनाता है, जो तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा के भविष्य के महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। यह आईआईटी कानपुर के अंडरग्रेजुएट छात्रों को उनके विचारों को प्रभावशाली उद्यमों में बदलने का अवसर प्रदान करता है, जिसमें वित्तीय सहायता, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और संस्थागत समर्थन शामिल है, जो स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर एसआईआईसी, आईआईटी कानपुर के माध्यम से दिया जाएगा।

इस प्रोग्राम के तहत चयनित छात्र टीमों को प्रोटोटाइप विकास के लिए 6 लाख का अनुदान मिलेगा। उन्हें आईआईटी कानपुर के फैकल्टी सदस्यों और उद्योग विशेषज्ञों द्वारा मेंटरशिप, इंफ्रास्ट्रक्चर और इनक्यूबेशन सहायता, मास्टरक्लास, निवेशकों के नेटवर्क तक पहुंच, और सफल इनक्यूबेशन के बाद संभावित सीड फंडिंग के अवसर भी प्राप्त होंगे।

इस अवसर पर आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि आज के तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल युग में, एआई के अनुप्रयोग हमारे जीवन को बदल रहे हैं। साथ ही, साइबर चोरी और साइबर धोखाधड़ी भी आम हो गई हैं। इसलिए हमे अपना भविष्य सुरक्षित बनाना अनिवार्य है। एफएसएआई पहल का उद्देश्य भी यही है कि हमारे यंग माइंड्स को सही उपकरण और मंच प्रदान किए जाएं ताकि वे एआई और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सार्थक योगदान दे सकें। संस्थान की ओर से मैं डॉ. रेड्डी का इस समर्थन के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।

एसआईआईसी आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर इंचार्ज प्रो. दीपू फिलिप ने कहा कि एफएसएआई सिर्फ एक प्रोग्राम नहीं है, यह एक आंदोलन है जो छात्रों को गहरी तकनीकी समाधानों का निर्माण करने के लिए प्रेरित और समर्थन करता है। मजबूत मेंटरशिप, फंडिंग, और अत्याधुनिक संसाधनों तक पहुंच के माध्यम से, हम नवाचारी और प्रभावशाली विचारों को पोषित करने का लक्ष्य रखते हैं।

आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र डॉ. बी.वी.आर मोहन रेड्डी ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत में उद्यमिता को बढ़ावा देने की तत्काल आवश्यकता है। एफएसएआई प्रोग्राम छात्रों को आत्मनिर्भर भारत के विजन में सक्रिय योगदान देने के लिए सशक्त बनाएगा। एआई और साइबर सुरक्षा अप्रत्याशित बदलाव ला रहे हैं, इसलिए यह पहल सही संसाधन, सही मेंटरशिप और जिम्मेदारी से नवाचार करने की स्वतंत्रता प्रदान करती है, जिससे तकनीक वास्तव में समाज के सर्वोत्तम हित में सेवा करे।

शिबोधि फाउंडेशन इस प्रोग्राम को संभव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जो डॉ. रेड्डी की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता और एक साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है कि भारत के तकनीकी भविष्य को मजबूत करने के लिए छात्र उद्यमियों को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाया जाए।

एफएसएआई के साथ, आईआईटी कानपुर और उसके साझेदार छात्र नवाचार और उद्यमिता में एक नया मापदंड स्थापित कर रहे हैं और संस्थान की स्टार्टअप इकोसिस्टम में अग्रणी भूमिका को मजबूत कर रहे हैं।