March 6, 2026

संवाददाता

कानपुर। आपरेशन महाकाल के तहत चमनगंज में फर्जी दस्तावेज बनाकर पैतृक मकान हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पीड़ित के बाबा की मौत के बाद आरोपियों ने फर्जी व्यक्ति को खड़ा कर मकान अपने नाम करवा लिया। जब वह नगर निगम के कार्यालय में मकान का टैक्स जमा करने गए तो उन्हें बाबा का नाम खारिज होने की जानकारी हुई। जिसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत चमनगंज पुलिस से की। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
चमनगंज निवासी अरफात खान ने बताया कि उनके पैतृक मकान के स्वामी बाबा नजर अली खां थे। बीती 26 जून 1980 को उनके बाबा की मौत हो चुकी है, जिसके बाद से वह लगातार 2024-25 तक बाबा के नाम से नगर निगम में टैक्स जमा करते आ रहे है। जब 2025-26 में वह टैक्स जमा करने नगर निगम के आफिस पहुंचे तो उन्हें जानकारी हुई कि उनके बाबा नजर अली खां का नाम खारिज कर इश्तियाक अहमद का नाम अंकित था।
आरोप है कि जब उन्होंने मामले की जानकारी कि तो पता चला कि इश्तियाक अहमद ने अपने भाई गुलाब वारिस व मुश्ताक अहमद के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। उनके बाबा की मौत 26 जून 1980 में होने के बावजूद आरोपियों ने एक जनवरी 1990 में बाबा की ओर से फर्जी हिबानामा में इश्तियाक अहमद के पिता असहाक का नाम अंकित होना दर्शाया।
उसके बाद दोबारा 1996 में हिबानामा करके मुशब्बिर अहमद व खुर्शीद उल्ला का नाम दिखाया। आरोपियों ने उनका पुश्तैनी मकान हड़पने के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज तैयार कर 2022 में न्यायालय में वाद दाखिल कर दिया। 6 अगस्त को पड़ोसी इश्तियाक और उसके भाइयों से नगर निगम में उनका नाम अंकित होने की जानकारी करने गया।
जिस पर आरोपियों ने मकान छोड़ने की धमकी दी। विरोध करने पर मकान के एवज में 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगी गई, साथ ही जान से मारने की धमकी दी। किसी तरह 25 हजार रुपए आरोपियों को देकर उन्होंने अपनी जान बचाई। साथ ही बाकी रकम बाद में देने का आश्वासन दिया। 

थाना प्रभारी संजय राय ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।