
संवाददाता
कानपुर। बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2003 की मतदाता सूची से अप्रमाणित रह गए लगभग 21 हजार मतदाताओं की सुनवाई 6 जनवरी से शुरू होगी। यह सुनवाई 28 फरवरी तक तहसील के सात केंद्रों पर की जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर इन मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं।सुनवाई के दौरान मतदाताओं को आयोग द्वारा निर्धारित 13 दस्तावेजों में से ए, बी, सी और डी श्रेणी के स्वप्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। उप जिलाधिकारी ने अधिकारियों को इन दस्तावेजों को अनिवार्य रूप से प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं।
इन मामलों के निस्तारण के लिए सात सुनवाई केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की तैनाती की गई है। कुल नौ अधिकारी अपने निर्धारित केंद्रों पर उपस्थित रहकर मतदाताओं की सुनवाई करेंगे। इससे पहले, उप जिलाधिकारी कार्यालय बिल्हौर में अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
बैठक की अध्यक्षता निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं एसडीएम बिल्हौर डॉ. संजय दीक्षित ने की। उन्होंने अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष और समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान तहसीलदार अनुभव चंद्रा, बिल्हौर बीईओ रवि कुमार सिंह, बिल्हौर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सुरजीत यादव सहित तहसील के एसआईआर कार्य में लगे अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।






