January 25, 2026

संवाददाता
कानपुर। 
हवाला का कारोबार इंटरनेशनल स्तर पर हो रहा था, इस बात का खुलासा पुलिस की जांच में सामने आया। जानकारी मिली है कि हवाला कारोबारियों के तार मुंबई, गुजरात के साथ नेपाल से भी जुड़े है। यहां से नेपाल में भी हवाला का पैसा भेजा जाता है।
इतना ही नहीं पुलिस की जांच में सामने आया है कि दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम के कई बड़े उद्योगपति भी इसके जरिए दूसरे प्रदेशों में अपनी रकम भेजते रहे हैं।अब जल्द ही पुलिस आरोपियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकाल कर उन तक पहुंचेगी।
शुक्रवार को पुलिस ने पकड़े गए 5 आरोपियों को जेल भेजने के साथ 3 अन्य संदिग्धों को उठाया है। पुलिस की जांच में आरोपियों के पास से गैर प्रमाणिक शेयर ट्रेडिंग एप भी मिले, जिनसे वह अपने हिसाब से व्यापारियों को घाटा, मुनाफा दिखाकर चूना लगाते थे। इसके साथ ही पुलिस को नोएडा, दिल्ली, गुरुग्राम, जयपुर के व्यापारियों से भी आरोपियों के संपर्क में होने के सबूत मिले है।
एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि धनकुट्टी में गुरुवार की रात पकड़े गए हवाला कारोबारियों के तार विदेशों से भी जुड़े है। इसके साथ ही आरोपियों के मोबाइल में कई ऑनलाइन क्रिकेट सट्‌टे के एप मिलने के साथ आगरा के गैंगस्टर अंकुश अग्रवाल के भी आरोपियों से संपर्क मिले है। अंकुश अग्रवाल अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट का बड़ा बुकी बताया जाता है। पकड़े गए पांचों आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। जिसकी बिनाह पर पुलिस आधा दर्जन संदिग्धों को उठाकर पूछताछ कर रही है।
एडीसीपी ऑपरेशन सुमित सुधाकर रामटेके की टीम ने गुरुवार देर रात धनकुट्टी स्थित रमाकांत गुप्ता के घर पर दबिश देकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 61 किलो 840 ग्राम चांदी और 2.26 करोड़ रुपए बरामद हुए थे।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान धनकुट्टी के रमाकांत गुप्ता, किदवई नगर का शिवम त्रिपाठी, राहुल जैन, यशोदा नगर के सचिन गुप्ता और वंशराज के रूप में हुई है। पुलिस को वहां से मोबाइल, लैपटॉप, पेन ड्राइव, नेपाल की करेंसी, चांदी की सिल्ली और सिक्के व लेनदेन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं।
आरोपियों के मोबाइल में कई बेटिंग एप, ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले एप भी मिले हैं। आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर आधा दर्जन संदिग्धों को उठाया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि शहर के ही कई बड़े चेहरे हवाला के जरिये अपनी रकम दूसरे प्रदेशों तक भेजते रहे हैं। नेपाली करेंसी का प्रयोग नेपाल में रुपए भेजने के लिए किया जाता है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, बरेली, फर्रुखाबाद, नोएडा, दिल्ली के कुछ कारोबारियों व रसूखदारों के नाम पूछताछ में सामने आए हैं। हवाला कारोबारियों के पास कुछ दस्तावेज मिले हैं जिसमें कुछ नाम और नंबर दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक जो जानकारी मिली है उसके आधार पर जांच की जा रही है।
हवाला के जरिये शहर से दूसरे प्रदेशों में बड़ा लेनदेन कैश में किया जाता है। अधिकतर कारोबारी भी इसके माध्यम से पैसा इधर से उधर करते हैं। नाम न छापने की शर्त पर पूर्व में हवाला कारोबार से जुड़े रहे एक व्यक्ति ने बताया कि हर दिन एक हजार करोड़ से ज्यादा का कारोबार शहर से होता है। नयागंज और कलक्टरगंज में इसके कई अड्डे संचालित हो रहे हैं। इनकी संख्या भी 40 से 50 के आसपास बतायी गई है।
पान मसाला, सुपाड़ी, कत्था, लौंग के साथ सराफा से जुड़े कारोबारी हवाला के जरिए पैसा इधर से उधर करते हैं। दूसरे प्रदेश में रुपए पहुंचाने का कमीशन भी शेयर बाजार के उतार चढ़ाव पर तय होता है। बाजार तेज है तो कमीशन ज्यादा लगेगा। नए आदमी के लिए टोकन व्यवस्था में 10 रुपए के नोट का प्रयोग किया जाता है, जबकि आदमी पुराना होने पर नाम और पहचान से ही रुपयों की डिलीवरी मिल जाती है।
पुलिस के मुताबिक इस कारोबार से अपराधी, ड्रग्स माफिया, असलहा तस्करों का लेना देना नहीं है। हवाला कारोबार को अधिकतर कारोबारी ही संचालित करते हैं। बहरहाल यह जांच का विषय है। 

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