January 21, 2026

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा पर रहा विशेष फोकस।

संवाददाता

कानपुर। राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस 2026 के अवसर पर छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के सीनेट हॉल में नवाचार और उद्यमिता को समर्पित एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 

यह आयोजन छत्रपति शाहू जी महाराज इनोवेशन फाउंडेशन द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों और नवोदित उद्यमियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा जैसी उभरती तकनीकों के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार करना तथा नवाचार आधारित स्टार्टअप संस्कृति को सुदृढ़ करना था।

कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित उद्योग विशेषज्ञों ने एआई और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा किए। गिग्नाटी के संस्थापक योगेश हुजा ने “दुनिया की सबसे बड़ी एआई एजेंट वर्कफोर्स” की परिकल्पना प्रस्तुत करते हुए बताया कि कैसे मानव बुद्धिमत्ता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता मिलकर भविष्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को आकार देंगे। उन्होंने बैडेज यात्रा के माध्यम से एआई कौशल को सुलभ बनाकर युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए द्वार खोलने की बात कही।

ईवाई के कंसल्टेंट जतिन मिश्रा ने व्यवसायों में एआई की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि डेटा आधारित निर्णय, प्रक्रिया स्वचालन और पूर्वानुमानात्मक विश्लेषण के माध्यम से एआई संगठनों की दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। अपग्रेड टेक्नोलॉजी की डेटा साइंटिस्ट सुश्री ज्योति निगम ने छात्रों को प्रोग्रामिंग, सांख्यिकी और वास्तविक परियोजनाओं पर कार्य करने के लिए प्रेरित करते हुए सतत अपस्किलिंग की आवश्यकता पर बल दिया।

वल्लम रिसर्च के संस्थापक प्रसेनजीत गौतम ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अपने उद्यमी अनुभव साझा करते हुए बताया कि डिजिटल युग में सुरक्षा किसी भी स्टार्टअप की रीढ़ है। उन्होंने नैतिक नवाचार, समुदायों से जुड़ाव और व्यावहारिक सीख को सफल उद्यमिता की कुंजी बताया।

सीएसजेएमआईएफ की डीन इनोवेशन, स्टार्टअप एवं एन्त्रेप्रेन्योरशिप डॉ. शिल्पा डी. कायस्था, सीईओ डॉ. दिव्यांश शुक्ला एवं इनोवेशन ऑफिसर शैलेंद्र यादव ने फाउंडेशन की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सीएसजेएमआईएफ छात्रों को विचार से लेकर क्रियान्वयन तक मार्गदर्शन, मेंटरशिप, इनक्यूबेशन और उद्योग से जुड़ाव प्रदान करता है। उन्होंने विशेष रूप से एआई और साइबर सुरक्षा आधारित स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध संसाधनों और अवसरों की जानकारी देते हुए छात्रों को इन क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का समापन संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र, औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन और सामूहिक छायाचित्र के साथ हुआ।

राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का सशक्त उदाहरण बना कि विश्वविद्यालय और सीएसजेएम इनोवेशन फाउंडेशन मिलकर युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सशक्त कर रहे हैं। इस आयोजन ने छात्रों में स्टार्टअप संस्कृति को नई ऊर्जा दी और उन्हें भविष्य के तकनीकी नेतृत्वकर्ता बनने के लिए प्रेरित किया।

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