
संवाददाता
कानपुर। नगर में घरों से लेकर पंडालों तक गणेश पूजा की धूम बुधवार से मचेगी। लगभग 800 सार्वजनिक पूजा मंडपों पर विघ्नहर्ता विराजेंगे। गणपति भगवान की मूर्तियां कहीं माता-पिता का महत्व तो कहीं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते दिखाई देंगी। माना यह भी जा रहा है कि शहर में किसी स्थान पर ऑपरेशन सिंदूर का भी चित्रण मूर्ति के माध्यम से संदेश देती दिखाई दे जा सकती है। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
शहर में 800 से ज्यादा पूजा मंडपों पर गजानन विराजेंगे। घरों में भी प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। घर से पंडाल तक अद्भुत छटा छाएगी।गणेश पूजा महोत्सव का उत्साह एक दिन पहले से ही नजर आने लगा।
सुतरखाना स्थित गणेश मंदिर, पटकापुर, किदवईनगर, लाजपतनगर, मूलगंज, किदवईनगर, गोविंदनगर, बर्रा, गुजैनी, श्यामनगर समेत शहर के सभी पूजा स्थलों पर देर रात तक पूजा पंडाल सजाने का दौर शुरू हो गया। सुबह 10 बजे के बाद पूजा आयोजक प्रतिमा लेने जाएंगे। बैंड-बाजा की गूंज के साथ प्रतिमा लाई जाएगी।
मूर्तिकार श्याम का कहना है कि बड़ी व छोटी 20 हजार से ज्यादा प्रतिमाएं इस बार महानगर में तैयार हुई है। फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, लखनऊ, उन्नाव आदि आसपास के जिलों में भी प्रतिमाएं पूजन के लिए भेजी जा रही है।
सुतरखाना स्थित गणेश मंदिर के मार्ग पर घंटाघर और केनाल रोड छोर पर द्वार बनाया गया है। मंदिर को सजाया गया है। मंदिर के सामने प्रतिमा स्थापित होगी। यहां पर 6 सितंबर को विसर्जन के दिन तक कार्यक्रम की धूम मचेगी।