
संवाददाता
कानपुर। नगर और मंडल के मत्स्य विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई यूं ही नहीं हुई है। इसकी वजह है कि मस्त्य विभाग मंत्री संजय निषाद की निषाद समाज पार्टी की क्षेत्रीय अध्यक्ष सविता निषाद को भी सरकारी योजना का लाभ देने के लिए परेशान किया गया था।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की लाभार्थी सविता निषाद डिप्रेशन में आकर मत्स्य विभाग से लौटते वक्त गश खाकर सड़क पर गिर पड़ी थीं। उनके सिर और पैर में चोट आई है। फिलहाल वह अपने घर पर हैं। जहां उनके सिर पर पट्टी बंधी है। साथ ही ग्लूकोज भी चढ़ रहा है।
पार्टी की क्षेत्रीय अध्यक्ष के चोट लगने के बाद सरकार एक्शन में आई। मंत्री संजय निषाद के निर्देश पर सोमवार को कानपुर नगर और कानपुर मंडल के सभी 9 अधिकारियों ओर कर्मचारियों को मुख्यालय से अटैच कर दिया गया।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना समेत कई अन्य योजनाओं में लापरवाही और भ्रष्टाचार की शिकायत पर मस्त्य निरीक्षक सुनील सिंह को सस्पेंड किया गया। मामले में लाभार्थी ने उप निदेशक मत्स्य कानपुर मंडल सुनीता वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की लाभार्थी सविता निषाद ने बताया कि उसने फिश फीड मिल यूनिट बनाने में लगभग 1.25 करोड़ रुपए खर्च किए थे। इस योजना में महिलाओं को 60 प्रतिशत की सब्सिडी मिलती है।
पहली किस्त की रकम जारी करने के लिए अधिकारियों द्वारा लगातार सविता निषाद को दौड़ाया जा रहा था। अधिकारियों को पैसे ना देने की वजह से बीते दो साल से रोज नई-नई औपचारिकताएं बताकर किस्त रोकी जा रही थी।
लाभार्थी सविता निषाद ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत उसको स्वीकृति पत्र दिया गया था। मत्स्य विभाग के अधिकारियों द्वारा कहा गया था कि आप स्ट्रक्चर आदि बनवा लीजिए। इसके बाद आपको पहली किस्त जारी कर दी जाएगी। सविता ने सारा काम नियमानुसार कराया था।
इसके बाद उपनिदेशक सुनीता वर्मा और विभाग के अन्य अधिकारियों ने मौके पर आकर निरीक्षण किया। जब सविता ने योजना की पहली किस्त जारी करने को कहा तो जबरदस्ती टेक्निकल टीम से उसके काम का निरीक्षण कराया गया। टेक्निकल टीम ने 65 लाख की एमबी की, इसके अलावा 15 लाख रुपए का जेनरेटर था। उसे कुल 83 लाख रुपए मिलना है।
सविता ने बताया कि पहली किस्त पाने के लिए गाइडलाइन के अनुसार 60 प्रतिशत काम कराया जाना था। जबकि मैंने 65 प्रतिशत काम करा लिया था। इसके बाद भी उप निदेशक कानपुर मंडल सुनीता वर्मा मेरा पैसा रोके हुए थीं।
लाभार्थी ने बताया कि मैंने फिश फीड मिल का निर्माण कराने के लिए 20 लाख का लोन भी लिया हुआ है। फरवरी 2024 से मैं विभाग के चक्कर लगा रही हूं। हर बार कोई ना कोई नई गाइडलाइन बात कर मेरा पैसा रोका जा रहा था।
निलंबित मत्स्य निरीक्षक सुनील सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की लाभार्थी सविता निषाद को पहली किस्त सही करने के लिए उपनिदेशक मत्स्य कानपुर मंडल सुनीता वर्मा ईशु बनाए हुए थीं।
टेक्निकल टीम ने जांच के बाद 65 लाख की एमबी कर दी थी। इसके बाद डिप्टी डायरेक्टर ने अधिकारियों को गुमराह करते हुए कहा कि उन्होंने डीपीआर के अनुसार काम नहीं कराया है।
सविता ने गिरकर घायल होने के बाद अपनी चोटिल फोटो फेसबुक पर शेयर की। पोस्ट में लिखा- मत्स्य विभाग कानपुर नगर के अधिकारियों द्वारा मुझे मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। विकास भवन से लौटते वक्त डिप्रेशन में आकर बेहोश होकर रोड में गिर जाने से गाड़ी पैर में चढ़ गई। गंभीर रूप से चोट आई। मेरे साथ कुछ भी होता है तो उसका जिम्मेदार मत्स्य विभाग होगा। इस पोस्ट के बाद सरकार एक्शन में आई है।
बताते चलें कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत सविता निषाद का चयन हुआ था। इस योजना में दो करोड़ रुपए तक का व्यवसाय करने में महिलाओं को 60 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है। इस योजना में चयनित होने के बाद सविता ने सरसौल ब्लॉक में फिश फीड मिल यूनिट बनवाई, जिसमें लगभग 1.25 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
शासन द्वारा मत्स्य निरीक्षक को निलंबित करके उप निदेशक कानपुर मंडल, सहायक निदेशक समेत सभी 9 कर्मचारियों को मुख्यालय से संबद्ध किया गया था । इस कार्रवाई के बाद से विकास भवन स्थित सहायक निदेशक कार्यालय का गेट बंद है। वहीं, लखनपुर स्थित मंडल कार्यालय में दो से तीन कर्मचारी काम करते मिले, लेकिन कार्रवाई पर सभी बोलने से बचते रहे।






