February 27, 2026

संवाददाता 
कानपुर।
  नरवल तहसील के मडिलवां गांव में जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी ग्रामीणों के लिए राहत के बजाय मुसीबत बन गई है। करीब डेढ़ वर्ष पहले टंकी का निर्माण और घर-घर पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा हो गया था, लेकिन आज तक पूरे गांव में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं हो सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के आधे हिस्से में पानी आ रहा है, जबकि बाकी आधे घरों में नलों की टोंटियां केवल शोपीस बनी हुई हैं- एक बूंद पानी नहीं पहुंचता।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। हकीकत यह है कि योजना का उद्देश्य ‘हर घर जल’ था, पर गांव में यह लक्ष्य अधूरा दिखाई दे रहा है। जिन घरों में पानी नहीं पहुंच रहा, वहां लोग अब भी हैंडपंप और निजी इंतजामों पर निर्भर है।
ग्रामीणों ने बताया कि पाइपलाइन डालने के दौरान गांव की सड़कों को खोद दिया गया था। काम पूरा होने के बाद सड़कों की सही मरम्मत नहीं कराई गई। नतीजतन जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं और आए दिन लोग ठोकर खाकर गिर रहे हैं। कई छोटे हादसे भी हो चुके हैं।
ग्रामीण सुमित के अनुसार, उनके घर के पास करीब एक साल पहले पाइपलाइन टूट गई थी। शिकायत करने पर पाइप बदलने के नाम पर रुपये की मांग की गई। पैसे न देने पर आज तक पाइप टूटा पड़ा है, जिससे जलापूर्ति बाधित है। इससे साफ है कि व्यवस्था में निगरानी और जवाबदेही की कमी है।
स्थिति यह है कि ग्राम पंचायत भवन तक में केवल पाइप डालकर छोड़ दिया गया है, लेकिन नल की टोंटियां नहीं लगाई गईं। सरकारी भवन में भी नियमित पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे योजना की जमीनी हकीकत उजागर हो रही है।
मामले में अवर अभियंता नसीम अहमद से मोबाइल पर कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि योजना की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए और पूरे गांव में सुचारु जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि करोड़ों रुपये की लागत से बनी टंकी का वास्तविक लाभ हर घर तक पहुंच सके। 

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