
संवाददाता
कानपुर। लगातार दूसरे दिन भी भीषण जाम ने शहर की रफ्तार थामे रखी। मंगलवार के बाद बुधवार को भी शहर के प्रमुख मार्गों पर घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। खास तौर पर बार काउंसिल चुनाव के कारण शहर में बढ़ी भीड़ और वाहनों की आवाजाही ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। जाम के चलते आमजन का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। बार काउंसिल चुनाव को लेकर कचहरी परिसर और उसके आसपास के इलाकों में सुबह से ही भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
कचहरी में चुनाव के चलते लोगों ने अपने वाहनों को नयागंज, फूलबाग, घंटाघर, नवाबगंज और माल रोड जैसे क्षेत्रों की ओर मोड़ दिया जिससे यातायात पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। कई मार्गों पर वाहनों की रफ्तार थम गई और लोग घंटों जाम में फंसे रहे। हालात ऐसे रहे कि सुबह से लेकर दोपहर तक शहर के कई इलाकों में लंबा जाम लगा रहा, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कचहरी क्षेत्र, फूलबाग, परेड, बड़ा चौराहा ,नवीन मार्केट,लाल इमली चौराहा,चुन्नी गंज, स्वरूप नगर,मूलगंज, बादशाही नाका,घंटाघर और सभी मेट्रो स्टेशन के आसपास, सिविल लाइंस और बड़ा चौराहा जैसे व्यस्त इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
यातायात व्यवस्था बिगड़ने के पीछे सड़क पर चल रहे निर्माण कार्य, अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग को भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
वहीं बार काउंसिल चुनाव के मद्देनजर पर्याप्त ट्रैफिक प्लानिंग न होने से हालात और बिगड़ गए। कई चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की संख्या कम नजर आई, जिससे जाम को नियंत्रित करने में दिक्कत आई। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में जाम अब रोजमर्रा की समस्या बनता जा रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा।
लगातार दूसरे दिन भी जाम झेल रहे पुनीत गुप्ता ने बताया कि मॉल रोड के कई स्थानों में पेयजल लाइन डालने के लिए गहरे गड्ढे खोदे गए हैं,जिससे भी जाम लग रहा है। यातयात विभाग को चाहिए कि इस समस्या का निराकरण स्थाई रूप से किया जाए जिससे सभी को राहत मिल सके।






