
संवाददाता
कानपुर। नगर के विकास प्राधिकरण के ज़ोन 1 अंतर्गत मकान नंबर 91/75 में सार्वजनिक संपत्ति से छेड़छाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि भवन स्वामी और बिल्डर ने न केवल सार्वजनिक फुटपाथ को जबरन अपनी निजी संपत्ति में मिला लिया, बल्कि सड़क के किनारे को तोड़कर वहां निर्माण सामग्री डालकर अवैध निर्माण की नींव रख दी।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, मकान मालिक ने बिना किसी वैध अनुमति के अपनी संपत्ति की सीमा का उल्लंघन किया है। फुटपाथ पूरी तरह से हड़प लिया गया है और सड़क की सतह तक को क्षति पहुंचाई गई है। इसके अलावा, बिना अनुमति के बेसमेंट की खुदाई भी जोरों पर है, जिससे आसपास के दर्जनों पुराने मकानों की नींव कमजोर होने और दरारें पड़ने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। वहीं कुछ लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा बिल्डर के द्वारा इस भूखंड पर पूर्व से निर्मित इमारत को ध्वस्त करने के लिए विभागीय अनुमतियां नहीं ली गई थी, और अब बहुमंजिला इमारत का निर्माण किए जाने की आशंका है, जिसमें दर्जनों फ्लैट का निर्माण कर विक्रय किया जाएगा। लगभग 150 वर्ग गज के इस भूखंड में निर्माण किए जाने के लिए विकास प्राधिकरण से भी कोई अनुमति नहीं ली गई है। मनकों की अनदेखी नागरिकों के जान माल के लिए गंभीर खतरा है।

क्षेत्र के नागरिक एहतिशाम ने आक्रोश जताते हुए कहा,
हमने कई बार कानपुर विकास प्राधिकरण और नगर निगम के चक्कर काटे, लेकिन सुनवाई शून्य रही। एक रात में फुटपाथ गायब हो गया और सड़क के किनारे को बुलडोजर से उखाड़ दिया गया। यह सिर्फ गैरकानूनी नहीं, बल्कि प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है।
वहीं एक अन्य प्रभावित निवासी फैज़ ने चिंता जताई कि बेसमेंट की यह अंधाधुंध खुदाई भू-गर्भीय संरचना से खिलवाड़ है। हमारे मकानों में दरारें पड़ने का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन को अब और देरी किए बिना मौके पर पहुंचकर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
जब इस मामले में कानपुर विकास प्राधिकरण के कनिष्ठ अभियंता हिमांशु बरनवाल से बात करने का प्रयास किया गया, तो उनका कोई आधिकारिक बयान नहीं मिल सका। हालांकि विभागीय सूत्रों ने पुष्टि की है कि इस अवैध निर्माण की शिकायत विभाग को पहले ही मिल चुकी थी, लेकिन आज तक कोई सख्त या निरोधक कार्रवाई नहीं की गई है।
अधिकारियों की इस खामोशी ने बिल्डर-प्रशासन गठजोड़ की आशंका को और बल दिया है।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और कानपुर विकास प्राधिकरण से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर इस अवैध निर्माण को तत्काल ध्वस्त किया जाए। साथ ही, हड़पे गए फुटपाथ को बहाल करके सड़क की मूल स्थिति वापस लौटाई जाए, ताकि राहगीरों की सुविधा बनी रहे।






