• तीन दिन से विकास भवन के 20 से अधिक विभागों के कंप्यूटर और सर्वर पूरी तरह से ठप।
• मध्यम वर्गीय किसानों और आम नागरिकों को भी निराशा।

संवाददाता
कानपुर। नगर के विकास भवन में बीते तीन दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप होने के कारण कर्मचारी अंधेरे में काम करने को मजबूर हैं। हालात इतने खराब हैं कि बिजली न रहने से सर्वर पूरी तरह ठप हो गया है। इससे सरकारी कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और आम जनता को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि विकास भवन में विभिन्न विभागों में से कुछ विभाग वैकल्पिक व्यवस्था जिसमें जेनरेटर और इनवर्टर से सरकारी कार्यों को पूरा करने का प्रयास रहे है, ताकि जमीनी स्तर पर विकास कार्य हो सके, परन्तु बिजली व्यवस्था सुचारू रूप से चालू नहीं हो पाने से अधिकतर विभागों के कार्य अधूरे लटके पड़े हैं। बीते शनिवार चार अप्रैल को आए तेज आंधी- बारिश , ओलावृष्टि के चलते कानपुर नगर में सैकड़ों की संख्या में सालों से जमे मजबूत वृक्ष अपनी जड़ों से उखड़ गए थे , वही लगभग सौ से अधिक बिजली के पोल धराशाही हो गए थे। जिससे नगर में बिजली व्यवस्था को गहरा झटका लग गया था। विकास भवन को सप्लाई देने वाला पोल भी टूटकर गिर गया था। जिसको अभी तक सुचारू रूप से व्यवस्थित नहीं किया जा सका है। इसी कारण पिछले तीन दिनों से विकास भवन में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। बिजली न रहने से आम जन को सरकारी योजनाएं का लाभ पहुंचाने वाले विकास भवन जिसमें लगभग 20 से अधिक विभाग जुड़े हुए है वहां कार्य प्रणाली ध्वस्त है। विकास भवन में बिजली न रहने के कारण अधिकतर विभागों के बाबू और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कार्यों के प्रति असहाय है। कंप्यूटरीकृत व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होने के कारण ऑनलाइन आधारित सेवाएं बंद हैं, जिससे फाइलों का निस्तारण और अन्य जरूरी कार्य नहीं हो पा रहे हैं। कर्मचारी दिनभर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहने को मजबूर हैं।
अब स्थिति यह है कि न तो पंखे चल रहे हैं और न ही प्रकाश व्यवस्था है, जिससे दिन की भीषण गर्मी में कार्यालयों के कार्य करना और भी मुश्किल हो गया है।
वहीं, विकास भवन में आने वाले निम्न वर्गीय से लेकर मध्यम वर्गीय किसानों और आम नागरिकों को भी निराश होकर लौटना पड़ रहा है। ग्रामीण विकास योजनाएं, प्रमाण पत्र, पंचायती राज कार्य, पेंशन,सामाजिक कल्याण विकास योजनाओं, सामाजिक कल्याण, उद्यान विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण, मत्स्य विभाग समेत भूमि विकास से जुड़े कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। संबंधित विभागों के कुछ कर्मचारियों का कहना है कि तीन दिन हो गए है बिजली आपूर्ति बहाल न होने के कारण पूर्ण रूप से कार्य करना मुश्किल हो रहा है। तीन दिन से लगातार सांयकाल में हो रही बारिश और ओलावृष्टि भी शांत होने का नाम नहीं ले रही है। लेकिन हालत यह है कि नगर का मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय भी इसी भवन में है परंतु अभी तक चरमराई हुई बिजली व्यवस्था बहाल न हो सकी है। नगर के विकास की जिम्मेदारी उठाने वाला मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय हाथ पर हाथ धरे बैठा ईश्वरीय अनुकम्पा की प्रतीक्षा कर रहा है।






