
संवाददाता
कानपुर। सिटी बस सेवा बंद होने के बाद बेरोजगार हुए ड्राइवर और कंडक्टरों ने शुक्रवार को परिवहन निगम के रीजनल मैनेजर कार्यालय पर धरना देकर प्रदर्शन कर रहे है। कर्मचारियों ने अब अनिश्चित कालीन धरना देने का एलान किया है। कर्मचारियों ने अनुबंध पत्र खोने वाले अधिकारी कर्मचारी के ऊपर कार्यवाही करने की मांग की है। कंडक्टरों ने नौकरी बहाल करने या उन्हें परिवहन निगम में समायोजित करने की मांग उठाई।
कानपुर में नगरीय निदेशालय के जरिए संचालित सिटी बसों की अवधि अक्टूबर 2025 में पूरी हो गई थी। इसके बाद विभाग ने बसों की नीलामी करा दी। कर्मचारियों का कहना है कि नई बसें नहीं दी गईं, जिससे वे अचानक बेरोजगार हो गए।
एक कंडक्टर ने बताया, “हमारी भर्ती रोडवेज से हुई थी, लेकिन हमें सीएनजी बसों में भेज दिया गया। अब बसों की अवधि खत्म होने के बाद हमें हटा दिया गया। हमारी मांग है कि हमें उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम में भेजा जाए।” कुल 164 परिचालक प्रभावित हैं। उनका आरोप है कि पहले ड्राइवरों को हटाया गया और अब कंडक्टरों को निशाना बनाया जा रहा है।
धरना दे रहे लोगों ने बताया हम लोगों ने 23 दिसंबर 2025 को एमडी को एक पत्र दिया दिया था। जिस पर यहां रीजनल मैनेजर साहब ने कहा तुम लोगों के अनुबंध के कागज नहीं मिल रहे है। अगर हम लोगों के अनुबंध पत्र नहीं मिल रहे है, जिसको इस काम की जिम्मेदारी दी गई थी, उसके ऊपर कार्यवाही की जाए।
हम लोग यहां प्रत्येक अधिकारियों को पत्र दे रहे है, यहां के उच्चधिकारियों को अवगत करवा रहे है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। हम लोग यहां लगातार 5 दिनों से धरना दे रहे है।
इस धरने में मुख्य रूप से अभिनव शुक्ला, राजेश तिवारी, विमल, दीपक, हरिशंकर, विपिन, अजय श्रीवास्तव समेत अन्य संविदा परिचालक मौजूद रहे।






