• बदनाम करने पर जान से मारने की दी धमकी।

संवाददाता
कानपुर। पति और ससुराल की प्रताड़ना की शिकार महिला ने बताया कि मैं आज तक सुहागरात नहीं मना सकी। मेरा पति नपुंसक है। बोलता है कि अगर किसी को बताया तो जान से मार दूंगा। ससुराल वाले भी मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।
महिला ने बताया कि मेरी शादी 25 अप्रैल, 2025 को हमीरपुर के युवक के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी से पहले बरीक्षा, गोदभराई, तिलक और रिंग सेरेमनी का कार्यक्रम हुआ। शादी में सोने की चेन, अंगूठी, चांदी के सिक्के, कपड़े, मिठाई, मेवा और घरेलू सामान दिया गया। इन सब में करीब 38 लाख रुपए खर्च हुए। इन सब का पूरा खर्च मेरे पिता ने उठाया।
महिला ने बताया- शादी के बाद 26 अप्रैल को अपने ससुराल हमीरपुर पहुंची। यहां 4 दिन तक गांव में पति के साथ रही। लेकिन इस दौरान पति से कोई संबंध नहीं बना। मुझे लगा ये सब नार्मल है। इसके बाद मैं अपने मायके चली आई। चौथी के बाद जब दूसरी विदाई होकर आई तो नोएडा में अपने पति के ताऊ, ताई के पास करीब एक महीना रही।
यहां भी मेरा पति मेरे से शारीरिक संबंध नहीं बना सका। बाद में पता चला कि मेरा पति नंपुसक है। वह शारीरिक संबंध बनाने में असमर्थ है।
महिला ने कहा- शादी के समय पति के नंपुसक होने की बात छिपाई गई। यही नहीं, जिस थ्री बीएचके फ्लैट को पति की संपत्ति बताकर रिश्ता तय किया गया। वह भी उसका नहीं था। पता चला कि वह उसके ताऊ- ताई का है।
इसके बाद ससुराल वालों के साथ पति ने कहा कि अगर किसी को नंपुसक होने की बात बताई तो अच्छा नहीं होगा। सभी मुझे धमकाने लगे। मुझे मारने पीटने लगे। मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे।
समाज में बदनामी से बचने के लिए उस पर दबाव बनाया गया कि वह नाम की पत्नी बनकर रहे और खर्च ससुराल पक्ष उठाएगा। इनकार करने पर करीब 16 से 17 लाख रुपए के मेरे गहने और कैश छीन लिया। इसके बाद मायके से 5 लाख रुपए और लाने की डिमांड की जाने लगी।
फिर मुझे मारने-पीटने लगे। 25 अक्टूबर 2025 को मुझे घर से बाहर निकाल दिया। बोले- जो करना है कर लो। हम डरने वाले नहीं हैं। मैंने डायल 112 पर कॉल करके अपनी जान बचाई। इसके बाद 26 अक्टूबर को अपने मायके कानपुर आ गई।
महिला की शिकायत पर पति सहित 3 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
थाना प्रभारी रावतपुर कमलेश राय का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।





