January 21, 2026

संवाददाता

कानपुर।  किशोरी के साथ गैंगरेप करने वाला 50 हजार का इनामी दरोगा अमित कुमार मौर्या 12 दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सर्विलांस, साइबर की टेक्निकल टीमें, एसटीएफ, थाने समेत करीब 25 से 30 पुलिसकर्मियों की चार टीमें लगी हैं लेकिन नतीजा सिफर।
अब इसे दरोगा का पुलिस महकमे की एक–एक नस से वाकिफ होना कहे, या विभाग का दरोगा प्रति सॉफ्ट कॉर्नर। अब तक 10 जनपदों में पुलिस टीम छापेमारी कर चुकी है, लेकिन इनामी दरोगा गिरफ्त में नहीं आया है। वहीं दरोगा की अग्रिम जमानत पर सचेंडी पुलिस ने हाईकोर्ट का एक नोटिस पीड़िता को दिया, जिसमें पीड़िता को अपना पक्ष रखने को कहा गया।
डीसीपी वेस्ट कासिम आबिदी ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद 6 जनवरी को दरोगा फरार हो गया था, जिसके बाद उसकी लोकेशन बर्रा इलाके में मिली। कानपुर में एक दिन रहने के बाद दरोगा ने शहर छोड़ दिया।
8 जनवरी को दरोगा ने सफाई में अपना वीडियो और 9 जनवरी को सीएम योगी और पुलिस कमिश्नर से सीबीआई जांच कराने की मांग करते हुए एक लेटर जारी किया था।
पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि दरोगा ने अपने मोबाइल से लेटर भेजा है, उसकी लोकेशन लखनऊ मिली। लेकिन पुलिस टीम के पहुंचने से पहले आरोपी दरोगा फरार हो चुका था। इसके बाद दरोगा की आखिरी लोकेशन प्रयागराज मिली।
डीसीपी वेस्ट का कहना है कि दरोगा को महकमे की बारीकी से जानकारी है। इसलिए वह इलेक्ट्रानिक गैजेट्स का इस्तेमाल नहीं कर रहा है, जिस कारण वह पहुंच से बाहर है।
तलाश में प्रयागराज, गोरखपुर, लखनऊ, संत कबीर नगर, सीतापुर, सिद्धार्थ नगर समेत 10 जनपदों में रहने वाले करीबी, रिश्तेदारों के यहां छापेमारी की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। यहां तक की पुलिस ने बस्ती में रहने वाली दरोगा के महिला मित्र से भी पूछताछ की है, लेकिन किसी को भी अब तक उठाया नहीं गया।
वहीं सूत्रों के मुताबिक दरोगा एक अधिवक्ता के साथ ही पूर्व में थाने में तैनात एक इंस्पेक्टर समेत कुछ लोगों के साथ संपर्क में हैं। वहीं दरोगा हाईकोर्ट तक दस्तक दे चुका है। दरोगा की अग्रिम जमानत पर पीड़िता के घर हाईकोर्ट से मिला एक नोटिस सचेंडी पुलिस ने पहुंचाया है, जिसमें उसे अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
हाल ही में पीड़िता से मिलने के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पहुंचे, लेकिन पीड़िता पुलिस की नाकामी न उजागर कर दे, इसलिए पूछताछ का हवाला देकर पुलिस पीड़िता और उसके भाई को पुलिस कमिश्नर आफिस लेकर पहुंच गई।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के कानपुर से जाने के बाद पुलिस कमिश्नर की ओर से उसे गिफ्ट और कपड़े भेंट किए और किशोरी को सांत्वना देकर विदा कर दिया।

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