
संवाददाता
कानपुर। एयरफोर्स के जवान के साथ मारपीट के मामले में दरोगा और सिपाही पर एक्शन हुआ है। डीसीपी साउथ ने दोनों दरोगा रविन्द्र बुंदेला और कॉन्स्टेबल प्रदीप कुमार को लाइन हाजिर कर दिया है। जबकि एडीसीपी घटना की जांच कर रहे हैं।
19 फरवरी की रात एयरफोर्स के जवान नीतीश सचान को थाने ले जाकर पुलिस कर्मियों ने पीटा था। उसका कान का पर्दा फट गया। इसके बाद उसका शांति भंग में चालान कर दिया था।
जवान का इलाज कानपुर के एयरफोर्स हॉस्पिटल में चल रहा है।
घाटमपुर थाना क्षेत्र के देवमनपुर गांव के रहने वाले नितीश सचान एयरफोर्स में तैनात हैं। वह पोरल यानी जहाज मेंटीनेंस अधिकारी हैं। उनकी तैनाती गुजरात के जामनगर एयर फोर्स स्टेशन पर है। इन दिनों वह अपने घर आए हुए हैं।
उन्होंने बताया कि 19 फरवरी की रात वह नौरंगा गांव निवासी अपने दोस्त अर्पित साहू के भाई की शादी में शामिल होने गए थे। वहां से रात में वापस आने पर रात करीब 11 बजे मूसानगर रोड स्थित गेस्टहाउस से पैदल घर लौट रहे थे। इसी बीच घाटमपुर थाना पुलिस की गश्ती टीम ने रोका। वह लोग सफेद बोलेरो पर थे।
नितीश सचान ने बताया कि पुलिस वालों ने पहले नाम पूछा। पिता की जानकारी देने पर अभद्रता की। अपना परिचय फौजी का दिया तो गाली-गलौज की। बोले-फौजी चोर होते हैं।
विरोध करने पर गाड़ी में लादकर थाने ले गए। वहां पिटाई की। इतना पीटा कि बाएं कान का पर्दा फट गया। एक आंख पूरी काली हो गई। इसके साथ ही पूरे शरीर पर भी पिटाई के निशान हैं।
इसके बाद शांति भंग की कार्रवाई कर पुलिस उसे घाटमपुर सीएचसी ले गई। वहां से कानपुर रेफर किया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस उसे आगे इलाज के लिए नहीं ले गई। शांति भंग की कार्रवाई करके छोड़ दिया गया।
इसके बाद परिजन कानपुर स्थित सेवेन एयरफोर्स अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां जांच में कान का पर्दा फटने की पुष्टि हुई। 3 दिनों से नितीश सचान का एयरफोर्स अस्पताल में इलाज चल रहा है।
नितीश की मां रेखा सचान ने डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी से शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी ।
घटना की जांच एडीसीपी योगेश कुमार को सौंपी गई थी । जांच रिपोर्ट के आधार पर दरोगा और सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया है। आगे जांच पड़ताल की जा रही है।






