
संवाददाता
कानपुर। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के रोड शो में पार्टी की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। जाजमऊ में विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष की होर्डिंग पर अपनी होर्डिंग लगा दी। वहीं मेयर प्रदेश अध्यक्ष की कार की बोनट पर चढ़ गईं। इसको भाजपा पार्षदों ने अनुशासनहीनता बताया और कहा- मेयर के खिलाफ संगठन को नोटिस जारी करनी चाहिए।
यही नहीं मेयर को शहर का प्रथम नागरिक होने के बाद भी मंच पर जगह नहीं मिली। प्रदेश अध्यक्ष ने भी मंच से गुटबाजी की बात को स्वीकारा। उन्होंने कहा कि सभी जगह गुटबाजी है। गुटबाजी सामने आने के बाद दैनिक भास्कर टीम ने कानपुर में बीजेपी से जुड़े लोगों से बात की। हकीकत सामने लाने की कोशिश की।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के कानपुर में स्वागत के लिए जाजमऊ में जो पहला मंच बनाया गया था वहां पर ही सबसे बड़ी गुटबाजी देखने को मिली। यहां पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की होर्डिंग के ऊपर विधायक महेश त्रिवेदी के समर्थकों ने होर्डिंग लगा दी।
इस वजह से महाना और महेश त्रिवेदी के समर्थकों में मंच पर ही जमकर कहासुनी। संगठन के पदाधिकारियों के हस्ताक्षेप के बाद विवाद शांत हुआ।
महापौर के खिलाफ भाजपा के ही 6 पार्षदों ने मोर्चा खोल रखा है। कानपुर के प्रभारी मंत्री से लेकर संगठन मंत्री ने पंचायत कराई, लेकिन विवाद अभी तक नहीं थमा है। प्रदेश अध्यक्ष के रोड के दौरान पार्षद और मेयर के बीच तनातनी देखने को मिली। मोतीझील मेट्रो स्टेशन के नीचे महापौर में पूरे दलबल के साथ अपनी ताकत दिखाते हुए प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत किया।
इतना ही नहीं प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत के दौरान माला पहनाने के लिए मेयर कार के बोनट पर चढ़ गईं थीं। मेयर के स्वागत को फीका करने के लिए भाजपा के ही पार्षद पवन गुप्ता ने सैकड़ों युवाओं के साथ प्रदेश अध्यक्ष का जोरदार स्वागत किया।
पार्षद ने मेयर को नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण तलब करने की मांग की। महापौर को प्रदेश अध्यक्ष के मंच पर जगह नहीं मिली। मेयर के बेटे अमित पांडेय उर्फ बंटी भी कार्यक्रम स्थल नहीं दिखे। हालांकि बीजेपी के नेताओं का कहना है, कि यह हमारी आपसी बातचीत है।
सब ठीक हो जाएगा। वहीं, महापौर और पार्षद विवाद को लेकर प्रदेश अध्यक्ष से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पूरे मामले की संगठन जांच कर रहा है। जो भी गलत पाया जाएगा संगठन उसके खिलाफ एक्शन लेगा और सुधार करेगा।
गुटबाजी को लेकर भाजपा के पार्षद पवन गुप्ता से बात की गई। पवन बोले- हम जो कर रहे हैं, वह गुटबाजी नहीं है। हम केवल अपने मौलिक अधिकारों की बात कर रहे हैं। हम भी क्षेत्र के पार्षद हैं। हमारे अधिकारों का हनन हुआ था। हम उसकी बात कर रहे हैं।
अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर महापौर ने निष्कासित कर दिया। इसकी लड़ाई लड़ रहे हैं। वह भी जनता के लिए। जहां परिवार बड़ा होता है। वहां इस तरह के आपसी अनबन होती रहती है। अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर हमें तो बाहर कर दिया गया।
रोड शो में किसी भी कार्यकर्ता ने अनुशासनहीनता नहीं की, लेकिन महापौर ने अनुशासनहीनता की। क्या यह प्रोटोकॉल था? वह प्रदेश अध्यक्ष की गाड़ी की बोनट पर चढ़ गईं। प्रदेश अध्यक्ष जी ने फटकार भी लगाई। हमारा संगठन अनुशासन वाला है, तो उनको भी एक नोटिस मिलनी चाहिए।
मेयर से पूछा जाए कि आपने यह क्यों किया? किसके कहने पर किया? हमेशा छोटे कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की जाती है। इन पर कार्रवाई नहीं होगी क्या? अगर इनके ऊपर कार्रवाई होगी, तो हम लोगों को लगेगा कि हां हम लोगों ने अनुशासनहीनता की थी।
एक भाजपा नेता ने कहा प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत करने के लिए जमीनी कार्यकर्ता निकलकर बाहर आया। जो पुराने कार्यकर्ता थे, वह लोग सड़क पर आए। सबसे खुशी की बात ये रही कि जमीनी कार्यकर्ता को पार्टी ने अध्यक्ष बनाया। हमारे दोनों अध्यक्ष राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष जमीनी कार्यकर्ता हैं।
गुटबाजी की बात रही, तो यह तो पूरे देश में है। देखिए कार्यकर्ताओं को मतलब नहीं है। गुटबाजी होगी तो वो ऊपर होगी तो होगी। कार्यकर्ता को तो बस काम करना है। उसे भारतीय जनता पार्टी को आगे बढ़ाना है। धीरे-धीरे सब कुछ ठीक हो जाएगा। कोई दिक्कत नहीं होगी। हम शहर की सभी सीट जीतेंगे। यह कोई सवाल नहीं उठाता की किसी की होर्डिंग पर कोई होर्डिंग लगा दे, तो यह सब चलता रहता है।






