February 23, 2026

संवाददाता
कानपुर।
मौसम ने एक बार फिर करवट लेकर लोगों को एक ही दिन में सर्दी और गर्मी का एहसास कराया। बीते 24 घंटे के दौरान रात के तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, वहीं दिन का पारा 1.2 डिग्री बढ़ा है।
सीएसए की ओर से जारी वेदर रिपोर्ट के अनुसार, न्यूनतम तापमान गिरकर 9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम है। इस गिरावट के कारण सुबह के समय घरों से निकलने वाले लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी। 17 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा। 17 और 18 फरवरी को बूंदाबांदी के आसार हैं।
दिन का मिजाज बिल्कुल उलट रहा। दोपहर में तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.0 डिग्री अधिक है।
फरवरी महीने में ही तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। वसंत आने के साथ ठंड का असर भी कम होने लगता है। मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत के मुताबिक, फरवरी में तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। लेकिन, यह राहत ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं।
बीच-बीच में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से तापमान में कुछ समय के लिए गिरावट भी देखने को मिल सकती है। इसके बावजूद फरवरी के अंत तक यूपी से ठंड पूरी तरह विदा हो जाएगी।
बीएचयू के कृषि विभाग के वैज्ञानिक प्रो. पीके सिंह के मुताबिक, गेहूं की फसल के लिए फरवरी का मौसम सामान्य रूप से अनुकूल माना जा रहा है। हालांकि, दलहनी फसलों के लिए मौसम अनुकूल नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
पीके सिंह ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि होने पर गेहूं की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। जबकि, दलहनी और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहेगा। वहीं, बारिश के बाद अगर पाला पड़ता है, तो इसका असर खासतौर पर आलू और मटर की फसलों पर पड़ सकता है। इससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है।