April 4, 2025

आ स. संवाददाता 
कानपुर ।
  सीबीएसई  बोर्ड के स्कूलों में अब पेरेंट्स और टीचरों के बीच की दूरी को कम करने के लिए वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा। इससे स्कूलों में पढ़ाई के दौरान बच्चों को समझ पाने और उनकी मानसिक स्थिति को समझना आसान हो जाएगा।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन ने अपनी वेबसाइट पर पहली बार पेरेंटिंग कैलेंडर जारी किया है। ये कैलेंडर एकेडमिक सेशन 2025-26 के लिए है।
इस कैलेंडर में जोर दिया गया है कि पेरेंट्स और टीचर्स के बीच एक अच्छा तालमेल बनाया जाए, ताकि बच्चों के होलिस्टिक डेवलपमेंट में मदद मिले। इस कैलेंडर को तैयार करने के लिए बोर्ड ने जनवरी में कमेटी बनाई थी। इस कैलेंडर को देश भर के पेरेंट्स के सर्वे के आधार पर तैयार किया गया है।
सीबीएसई के सर्वे में दिल्ली, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, लद्दाख और मणिपुर सहित पूरे भारत के 13 हजार पेरेंट्स ने इस सर्वे में हिस्सा लिया था। इनमें से 69.6 प्रतिशत सिर्फ महिलाएं शामिल हुई। 28.2 प्रतिशत पुरुषों ने हिस्सा लिया था। बोर्ड की ओर से यह पहल नेशनल एजूकेशन पॉलिसी 2020 के तहत की गई है।

सर्वे में 19.7 प्रतिशत पेरेंट्स ने कहा है कि अभी भी उन्हें  पेरेंटिंग के चैलेंजेस का सामना करना पड़ता हैं। 43.5 प्रतिशत का मानना था कि वे अपनी पेरेंटिंग से बच्चों के विकास पर पड़ने वाले प्रभाव को पूरी तरह समझते हैं।
36.8 प्रतिशत ने पेरेंटिंग के बारे में और ज्यादा जानने को कहा। 12.3 प्रतिशत ने कहा कि वे अपने बच्चे को सोशल एक्टिव बनाने में सहायता चाहते हैं। 10.9 प्रतिशत ने अपने और अपने बच्चों के इमोशन को बैलेंस करने में सहायता मांगी है।
कैलेंडर के मुताबिक वर्कशॉप और वेबिनार करवाए जाएंगे। इसके अलावा हर महीने पेरेंट्स टीचर इंटरेक्शन का एक प्रोग्राम रखा जाएगा। इसके साथ ही एंगेजिंग एक्टिविटीज होंगी। बच्चो से जुड़े फीड बैक स्कूल और पेरेंट्स आपस में शेयर करेंगे।