
संवाददाता
कानपुर। आईआईटी के एक छात्र के सुसाइड कर लेने के मामले में आईआईटी के असिस्टेंट प्रोफेसर, एक रिसर्च छात्रा व उसकी मां के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
छात्र ने बीती 10 फरवरी को सुसाइड किया था। इसके बाद से मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक कि परिजनों के कहने पर पुलिस ने भी केस दर्ज नहीं किया था। जिसके बाद परिवार वालों ने कोर्ट में शरण ली और कोर्ट के आदेश पर कल्याणपुर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्राम उफरी, थाना फूलपुर जिला आजमगढ़ निवासी अंकित यादव आईआईटी में रसायन विज्ञान विषय से रिसर्च कर रहे थे। अंकित ने बीती 10 फरवरी को अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
छात्र के पिता रामसूरत यादव का आरोप था कि द्वारिका दिल्ली निवासी योगिता यादव उनके बेटे की लैबमेट थी। उसी के साथ शोध कर रही थी। बेटे से संबंध बनाने के बाद उसने आर्थिक शोषण शुरू कर दिया था। दबाव में आकर अंकित ने पर्सनल लोन लेकर योगिता को 50 हजार रुपये भी दिए थे।
रामसूरत यादव के मुताबिक उन्होंने इस बात की शिकायत योगिता की मां मीरा यादव से की थी। इस पर दोनों ने माफी मांगते हुए रकम लौटा दी थी। मगर इसके बाद योगिता और उसकी मां मीरा यादव अंकित को ब्लैकमेल कर प्रताड़ित करने लगे। साथ ही आपत्तिजनक फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मुकदमा दर्ज करने की बात भी कहीं।
पिता के मुताबिक योगिता और उसकी मां मीरा के अलावा अंकित के गाइड असिस्टेंट प्रोफेसर पार्थ सारथी उसे प्रताड़ित करने लगे। वह उसे भोजन न देने और सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करने लगे। योगिता और उसकी मां ने झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर अंकित से पांच लाख रुपये की मांग की। जिससे प्रताड़ित होकर अंकित ने फांसी लगाकर आत्महत्या करली। कल्याणपुर थाने में तहरीर देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। अंकित के सुसाइड नोट्स से राइटिंग का मिलान भी नहीं हुआ। इसके साथ ही आईआईटी की ओर से शिकायत करने के बावजूद भी आरोपितों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इंस्पेक्टर कल्याणपुर सुधीर कुमार के मुताबिक मामले में कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें विवेचना शुरू कर दी गई है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अंकित के सुसाइड नोट में लिखा था मैं क्विट कर रहा हूं
आईआईटी छात्र के पास से उस दौरान पुलिस ने एक सुसाइड नोट भी बरामद किया था जिसमें सिर्फ तीन लाइन लिखी थी कि मैं क्विट कर रहा हूँ। हालांकि परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने हैंडराइटिंग मिलान तक नहीं कराया।






