
संवाददाता
कानपुर। उन्नाव में पेंट के डिब्बे बनाने वाली कंपनी के डिप्टी मैनेजर और उनकी 13 साल की बेटी के शव रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध हालत में पड़े मिले। दोनों के शरीर कई टुकड़ों में बंट चुके थे। ट्रैक पर मांस के लोथड़े बिखरे हुए थे।
मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि मेरे भाई की पत्नी के पिछले करीब 2-3 महीने से दुबई के रहने वाले एक मुस्लिम युवक से संबंध थे। वह उसके साथ दुबई भागने की फिराक में थी। जब मेरे भाई ने रंगेहाथ पकड़ लिया और शिकायत की, तो मायके वालों ने उन्हें बुरी तरह पीटा।
भाई ने सुसाइड की आशंका जताते हुए आरोप लगाया कि मेरा भाई एक बड़ी कंपनी में ऊंचे पद पर था। हर महीने डेढ़ लाख रुपए तक कमाता था। दो-तीन जगहों पर मकान बना रहा था। मायके पक्ष के लोग उसकी संपत्ति और इंश्योरेंस के पैसों के पीछे पड़े हुए थे। मायके पक्ष ने इतना प्रताड़ित किया कि वो सुसाइड कर ले, ताकि इंश्योरेंस का पैसा और संपत्ति उन्हें मिल जाए।
इस दौरान घटना से 5 दिन पहले का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें मृतक पिता-बेटी से पुलिस की मौजूदगी में मायके पक्ष के लोग विवाद करते दिख रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
उन्नाव जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर गंगाघाट रेलवे स्टेशन और मगरवारा रेलवे स्टेशन के बीच सहजनी क्रॉसिंग के पास एक युवक और बच्ची का शव मिला। मृतकों की पहचान कानपुर के कल्याणपुर निवासी विकास गुप्ता और उनकी 13 वर्षीय बेटी वेदिका के रूप में हुई।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और रेलवे ट्रैक पर बिखरे शव के टुकड़ों को पॉलीथिन में भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों काफी देर से रेलवे ट्रैक के किनारे घूम रहे थे। मालगाड़ी आते ही छलांग लगा दी और ट्रेन की चपेट में आकर कट गए।
पुलिस जांच के दौरान पता चला कि विकास मूल रूप से कानपुर के कल्याणपुर के रहने वाले थे और इन दिनों सहजनी क्षेत्र में किराए पर रह रहे थे। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों के शव मायके पक्ष को सौंप दिए। मंगलवार को अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
मामले ने तब तूल पकड़ा, जब बुधवार को मृतक का भाई कानपुर निवासी शिवम कुमार उन्नाव पहुंचा। उसने विकास की पत्नी और मायके पक्ष के लोगों पर प्रताड़ित करने और सुसाइड के लिए मजबूर करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत की। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।
भाई ने बताया- मायके पक्ष के लोगों ने बिना परिवार को जानकारी दिए ही अंतिम संस्कार कर दिया। घटना 23 फरवरी की रात करीब 9 बजे हुई, जबकि उन्हें एक सचिन गुप्ता नाम के युवक ने आकर 24 फरवरी को दोपहर 12 बजे 15 घंटे बाद घटना के बारे में बताया। शिवम ने दावा किया- सोची-समझी साजिश के तहत मेरे भाई-भतीजी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया।
शिवम कुमार ने बताया- विकास की पत्नी शैफाली पिछले 8-9 महीने से दुबई के एक मुस्लिम युवक से ऑनलाइन चैट कर रही थी। दोनों के बीच अफेयर चल रहा था। युवक प्रेमजाल में फंसाकर शेफाली से पैसे मांगता था। कुछ ही दिन शेफाली दो ट्रांजैक्शन में उसे 10 हजार और 17 हजार मिलाकर कुल 27 हजार रुपए भेज चुकी थी।
तीसरी बार युवक ने 50 हजार रुपए की डिमांड की तो शेफाली ने विकास से पैसे मांगे। विकास को शक हुआ तो उसने जांच की। तब जाकर उसे पत्नी के अफेयर का पता चला। दोनों के बीच जमकर झगड़ा हुआ।
शिवम ने बताया- 24 जनवरी को विकास ने शेफाली के मायके पक्ष को बुलाया। दोनों पक्षों ने बैठकर मामले को सुलझाया और शेफाली को समझाकर लौट गए। पर शेफाली फिर भी उस युवक से बात करती रही। दोबारा जब विकास को पता चला तो उसने फिर से 19 फरवरी को मायके वालों को बुलाया।
इस बार मायके वालों ने शेफाली को समझाने की बजाय विकास को उसके घर में बहुत पीटा। जिसमें विकास के सिर पर 20 टांके आए और उनका इलाज कानपुर के हैलट अस्पताल में हुआ।
मायके पक्ष के लोग विकास को लगातार धमकाते और प्रताड़ित करते रहे। विकास ने 22 और 23 फरवरी को मरहला चौकी और गंगाघाट थाने में जान का खतरा बताते हुए तहरीर दी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। मुकदमा तक दर्ज नहीं किया। जिसके कारण 23 फरवरी रात 8:45 बजे विकास ने अपनी बेटी के साथ सहजनी क्रॉसिंग पर ट्रेन के आगे कूद कर जान दे दी।
शिवम का आरोप है कि शेफाली के दोनों भाई कोई काम नहीं करते हैं। पूरे मायके की नजर विकास की संपत्ति और इंश्योरेंस के पैसों पर थी। विकास दो जगहों पर नए मकान बनवा रहा था। मायके पक्ष के लोगों को मालूम था कि विकास ने सुसाइड भी किया तो संपत्ति और इंश्योरेंस के पैसे शेफाली को मिल जाएंगे, जिसका वे भी इस्तेमाल कर सकेंगे।
कॉल रिकॉर्ड्स और ट्रांजैक्शन डिटेल्स खंगाल रही पुलिस
सीओ सिटी विनीत सिंह ने बताया- मृतक के भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बुधवार को मृतक के भाई के साथ एक बार फिर से घटना स्थल का मुआयना किया गया है। मृतक और उसकी पत्नी के कॉल डिटेल्स, ट्रांजैक्शन डिटेल्स आदि खंगाले जा रहे हैं। मामले की जांच कर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






