
संवाददाता
कानपुर। नगर में चल रहा मेयर और पार्षदों के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। नगर निगम से सस्पेंड हुए पार्षदों ने संगठन के प्रदेश महामंत्री धर्मपाल सिंह से मुलाकात की है और उन्हें सारे प्रकरण की जानकारी दी है। सस्पेंड पार्षदों के साथ 4 और भाजपा पार्षद उनसे मिले हैं।
नगर निगम में बागी हुए सभी 6 पार्षदों ने प्रदेश संगठन मंत्री से मुलाकात की और उन्हें निगम में चलने वाले सारे प्रकरण की जानकारी दी। जिसके बाद उन्हें आश्वासन मिला है कि उनका सस्पेंशन निरस्त किया जाएगा। इसके साथ ही नगर निगम में चलने वाले सारे विवादों को खत्म किया जाएगा।
नगर निगम में 26 दिसंबर को हुए सदन के बाद पार्षदों को सस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद से ही पार्षद लगातार मोर्चा खोले हुए हैं और नगर निगम में भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं। मेयर ने भाजपा पार्षद पवन गुप्ता और अंकित मौर्य को मेयर ने सस्पेंड कर दिया था।
जिसके बाद भाजपा पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया था। पार्षदों का आरोप है कि मेयर के बेटे बंटी पांडेय नगर निगम में भ्रष्टाचार कर रहे हैं। ठेके से लेकर नौकरी तक में वसूली की जाती है। सभी ठेके और टेंडर वह अपने परिचितों को दिलाते हैं। जब उन्होंने आवाज उठाई तो मेयर से कहकर उनके बेटे ने ही पार्षदों को सस्पेंड कराया।
पार्षदों ने भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री धर्मपाल से मुलाकात करके सारे मामले की जानकारी दी है। जिसके बाद उन्हें आश्वासन दिया गया है कि उनका निलंबन जल्दी ही निरस्त कर दिया जाएगा। अब पार्षदों को इंतजार है कि उनका निलंबन निरस्त हो, जिसके बाद ही विवाद को खत्म किया जा सकता है।
संगठन मंत्री से पार्षद पवन गुप्ता और वार्ड 4 के पार्षद अंकित मौर्य के साथ भाजपा पार्षद लक्ष्मी कोरी, पार्षद विकास जायसवाल, पार्षद हरि स्वरूप तिवारी और पार्षद आलोक पांडेय ने मुलाकात की है। सभी पार्षद लखनऊ में संगठन महामंत्री धर्मपाल से मिलकर वापस लौटे हैं।






