February 7, 2026

आज भारत का मान बढ़ा, सशक्त हुआ संविधान,
न्याय, समता, बंधुता में गूँजा जन-जन का गान।
लोकतंत्र की दृढ़ नींव पर, आस्था का है निर्माण,
अधिकारों संग कर्तव्यों का, संतुलित है संधान।

सीमा पर प्रहरी अडिग खड़े, सेना बनी पहचान,
शौर्य, त्याग, अनुशासन से ऊँचा है राष्ट्र-मान।
शांत गगन में गर्जन करती, वीरता की हुंकार,
माँ भारती के चरणों में, हर सैनिक समर्पणहार।

उद्योग बढ़े, नवाचार जगे, श्रम से चमका देश,
आत्मनिर्भर भारत का सपना, बनता रहा विशेष।
खेत, कारख़ाने, विज्ञान में, प्रतिभा का विस्तार,
विश्व-पटल पर भारत गढ़ता, प्रगति का आकार।

लहराए तिरंगा नभ में ऊँचा, शान हमारी आज,
केसरिया साहस, श्वेत शांति, हरित समृद्धि का साज।
गणतंत्र दिवस यह याद दिलाए—यही हमारी आन,
संविधान, सेना, उद्योग से, सशक्त हुआ हिंदुस्तान।

—संजीव कुमार भटनागर

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