
आ स. संवाददाता
कानपुर। मौसम बदलते ही वायरल इन्फेक्शन के मरीज तेजी से बढ़ने लगे हैं। ऐसे लोग जिनकी शारीरिक क्षमता कम है उन लोगों में वायरस तेजी से अटैक कर रहा है। इन दिनों कानपुर मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल की ओपीडी में आने वाले अधिकतर मरीज खांसी और बुखार की समस्या लेकर आ रहे हैं। इसके अलावा कुछ मरीज डायरिया के भी पहुंच रहे हैं।
मेडिसिन विभाग के प्रो. एसके गौतम ने बताया कि जब-जब मौसम बदलता है तब-तब हवा में वायरस एक्टिव हो जाते हैं। जब लोग बाहर निकलते है तो ये वायरस सांस के रास्ते से अंदर जाते है और फिर वो शरीर में इन्फेक्शन कर देते है।
प्रो. गौतम ने बताया कि इन दिनों ओपीडी में करीब 60 प्रतिशत मरीज खांसी और बुखार की समस्या लेकर आ रहे हैं। इसके अलावा 10 प्रतिशत मरीज डायरिया के भी आ रहे हैंं। लोगों में तेज बुखार, सूखी खांसी, गले में दर्द जैसी समस्या देखने को मिल रही हैं।
प्रो. एसके गौतम ने बताया कि इस वायरस से बच्चों को सबसे ज्यादा बचाकर रखने की जरूरत है। इसके अलावा बीपी, शुगर, किडनी, दिल के मरीजों को भी काफी बचाव करने की जरूरत है। ये वायरस सबसे ज्यादा 45 साल से लेकर 60-70 साल वालों को ज्यादा प्रभावित करता है। इसलिए घर के बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग जरूर करें। प्रयास करके भीड़ भाड़ से गुजरने से बचे।
मरीजों के अंदर शुरुआती लक्षण दिखने लगते है। शरीर में कमजोरी महसूस होना, पेट दर्द होना, जी मिचलाना, बदन में दर्द आदि लक्षण होते है। इसके अलावा डायरिया के मरीजों में लूज मोशन आना, पीली पेशाब होना, कमजोरी महसूस होना आदि लक्षण होते हैं।
इससे बचने के लिए घर से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करें।खाने में हरी सब्जियों को शामिल करें।विटामिन डी युक्त फलों का सेवन अधिक करें। घर से बाहर निकलते समय पानी खूब पीकर निकले। दिन भर में स्वस्थ व्यक्ति को 3 से 4 लीटर पानी पीना चाहिए।
इस सीजन में कटे रखे हुए फलों का सेवन बिल्कुल न करें।बासी खाना न खाए।बाहर की तली-भुजी चीजों का सेवन न करें।किडनी, बीपी वाले मरीजों को नियम से दवा का सेवन करना चाहिए। बुखार आने पर बिना डॉक्टर की परामर्श से खुले काउंटर से दवा लेकर न खाए।