February 23, 2026

संवाददाता

कानपुर।  महाशिवरात्रि पर रविवार को कानपुर के बिल्हौर में भूत-भावन भगवान शिव की भव्य बारात निकाली गई। शिवगणों के रूप में सजे कलाकारों ने नरमुंड की माला पहन कर नृत्य किया। हनुमानजी के रूप में सजे कलाकार ने भी नृत्य किया और गदा लेकर रथ पर निकले। भगवा झंडे लहराए गए और डीजे की धुन पर युवाओं ने जमकर नृत्य किया।
बारात में भूत, प्रेत, पिशाच और गणों के वेश में कलाकार शामिल हुए, जिसने शिवबारात को पारंपरिक और अलौकिक स्वरूप दिया। “हर-हर महादेव” के जयकारों पर महिलाएं और लड़कियां भी भक्ति में सराबोर होकर झूम उठीं। पूरे नगर में शिवमय माहौल देखने को मिला।
शिवबारात की शुरुआत त्रिवेणीगंज स्थित शनि धाम से सुबह करीब 11:30 बजे हुई। बारात विजलेश्वर मंदिर, नगरपालिका चौराहा, नेहरू पार्क, कटरा बाजार होते हुए सुभानपुर स्थित शिवाला मंदिर तक निकाली गई। इस आयोजन को लेकर ओंकारेश्वर युवा सेवा समिति ने पिछले दो सप्ताह से तैयारियां की थीं। समिति पिछले 14 वर्षों से लगातार इस परंपरा का निर्वहन कर रही है।
बारात में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत के बीच शिव-पार्वती, हनुमान, गणेश, राधा-कृष्ण के साथ भूत-पिशाच और औघड़ रूप में सजे कलाकार आकर्षण का केंद्र बने रहे। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए।
मान्यता है कि महाशिवरात्रि भगवान शिव और मां पार्वती के दिव्य विवाह का प्रतीक पर्व है। इसी धार्मिक परंपरा को निभाते हुए नगरपालिका चौराहे पर भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती का विधिवत विवाह संपन्न कराया गया, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
कार्यक्रम को सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन जगह-जगह तैनात रहा। एसडीएम डॉ. संजीव दीक्षित, एसीपी मंजय सिंह, नायब तहसीलदार सीपी राजपूत तथा कोतवाल सुधीर कुमार के निर्देशन में बारात का आयोजन हुआ। वहीं शिवभक्तों द्वारा जगह-जगह जलपान की व्यवस्था भी की गई ।
शिव बारात के चलते रविवार को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक यातायात डायवर्जन लागू किया गया । कानपुर और कन्नौज की ओर जाने वाले वाहनो को नगर में प्रवेश से रोक दिया गया। सभी छोटे बड़े वाहन बाईपास से होकर गुजरे। ककवन व रसूलाबाद की ओर जाने वाले भारी वाहन मकनपुर-बिषधन मार्ग से भेजे गए।
छोटे वाहन नगर के बाहर बरौली मार्ग, चंडाली व घिमऊ मार्ग तथा बीबीपुर क्रासिंग से सीएचसी मार्ग होकर गए। व्यवस्था बनाए रखने के लिए जगह-जगह पुलिस प्रशासन मौजूद रहा।