
संवाददाता
कानपुर। भाभी की हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे बुजुर्ग की हैलट अस्पताल में मौत हो गई। सचेंडी में जमीन के विवाद में 3 जनवरी 2007 को बुजुर्ग ने अपनी भाभी की हत्या कर दी थी। जिसके बाद से वह जेल में था, एडीजे–18 की कोर्ट ने बुजुर्ग को आजीवन कारावास और 25 हजार जुर्माने की सजा सुनाई थी।
एक नवंबर 2025 को सिर में अत्यधिक दर्द और बीपी की समस्या पर उसे हैलट में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद से लगातार इलाज चल रहा था।
सचेंडी के कटरा भैसोर गांव निवासी रामलाल पत्नी प्रेमलता व पांच बच्चों के साथ रहते थे। उनका अपनी भाभी से जमीन का विवाद चलता था। 3 जनवरी 2007 में रामलाल ने अपनी भाभी की हत्या कर दी थी, जिसपर उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
जेल अधीक्षक बीडी पांडेय ने बताया कि रामलाल पहले से ही पैरालिसिस की बीमारी से ग्रसित था। एक नवंबर को उसके सिर में दर्द हुआ और बीपी की समस्या हुई। जिस पर उसे हैलट में भर्ती कराया गया था।
सीटी स्कैन होने के बाद रामलाल को एक दिसंबर तक जेल अस्पताल में इलाज मुहैया कराया गया। एक दिसंबर को उसे हैलट में भर्ती कराया गया, जिसके बाद उसका लगातार इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान रामलाल की मौत हो गई, परिजनों को जानकारी देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है।






