
संवाददाता
कानपुर। रेप के झूठे मामले में भाजपा नेता रवि सतीजा को फंसाने और 50 लाख रंगदारी मांगने के आरोप में जेल में बंद चर्चित वकील अखिलेश दुबे के फरार साथी अभिषेक बाजपेयी ने बुधवार को सीजेएम सूरज मिश्रा की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने अभिषेक को जेल भेज दिया। 10 जनवरी को पुलिस ने अभिषेक के घर पर कुर्की की कार्रवाई की थी।
भाजपा नेता रवि सतीजा ने अखिलेश दुबे, लवी मिश्रा, टोनू यादव, अभिषेक बाजपेयी, विमल यादव के खिलाफ रेप का झूठा मुकदमा लिखा कर रंगदारी मांगने का आरोप लगा 8 अगस्त को बर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद से विमल यादव और अभिषेक बाजपेयी फरार चल रहे थे।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूरज मिश्रा की कोर्ट ने संपत्ति कुर्क के आदेश दिए थे, जिस पर नौबस्ता इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने 10 जनवरी को डब्ल्यू ब्लॉक उस्मानपुर निवासी अभिषेक के घर पर डुगडुगी पिटवाई कर कुर्की की कार्रवाई की थी।
इसके बाद विमल यादव के घर समेत 6 संपत्तियों पर कुर्की की नोटिस चस्पा की थी। 5 माह बाद बुधवार को गुपचुप तरीके से अभिषेक बाजपेयी ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।
इसके साथ ही होटल संचालिका प्रज्ञा त्रिवेदी की अश्लील किताब छपवाने, 2 लाख प्रतिमाह रंगदारी मांगने, डकैती मामले में गाजियाबाद निवासी आरोपी अनुज निगम की अग्रिम जमानत याचिका एडीजे–प्रथम सपना त्रिपाठी की कोर्ट ने खारिज कर दी।
साकेत नगर निवासी प्रज्ञा त्रिवेदी ने 31 जनवरी 2011 में कोर्ट के आदेश पर अखिलेश दुबे, अजय निगम, अनुज निगम के खिलाफ जूही थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अखिलेश दुबे के रसूख में विवेचक राजेश कुमार तिवारी ने पांच घंटे में मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी।
प्रज्ञा ने दोबारा कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसपर जांच के आदेश दिए गए थे। जिसमें कर्मचारी नेता भूपेश अवस्थी, उसके बेटे रोहित अवस्थी का मुकदमे में नाम बढ़ाया गया था। पुलिस ने अखिलेश दुबे और भूपेश अवस्थी के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की है।
अशीष शुक्ला की जमानत जिला जज ने खारिज की
फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर एलएलबी में दाखिला लेने और फिर वकालत करने के मामले में जेल में बंद आशीष शुक्ला की जमानत याचिका जिला जज अनमोल पाल ने खारिज कर दी।
अधिवक्ता आशीष शुक्ला के खिलाफ बार एसोसिएशन के पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह ने कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उसे अग्रिम जमानत मिल गई थी, लेकिन नियमों का उल्लंघन करने पर 18 नवंबर को कोर्ट ने अग्रिम जमानत निरस्त कर दी थी।
इसके बाद 21 नवंबर को सीजेएम सूरज मिश्रा की कोर्ट ने आशीष के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी किया था, जिसके बाद से वह लगातार फरार चल रहा था। कोतवाली थाने की पुलिस के साथ स्पेशल टास्क फोर्स और सर्विलांस की टीमें भी सुरागरसी में लगी हुई थीं।
सर्विलांस की मदद से आशीष के नैनीताल में छिपे होने की जानकारी के बाद एसटीएफ की एक यूनिट ने आशीष को गिरफ्तार किया था।






