
संवाददाता
कानपुर। जूही में होटल संचालिका प्रज्ञा त्रिवेदी की ओर से डकैती, रंगदारी मामले में अखिलेश दुबे को एडीजे प्रथम सपना त्रिपाठी की कोर्ट से जमानत मिल गई है।
हालांकि किदवई नगर में होटल कारोबारी से ढाई करोड़ की रंगदारी मांगने और ग्वालटोली थाने में दर्ज वक्फ की संपत्ति के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई होने की वजह से अखिलेश दुबे को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा। बता दें कि अखिलेश के खिलाफ दर्ज 6 मुकदमों में से 4 में मुकदमों में जमानत मिल चुकी है।
होटल क्लासिक कांटीनेंटल संचालिका प्रज्ञा त्रिवेदी ने वर्ष 2011 में जूही थाने में अखिलेश दुबे के खिलाफ रंगदारी, डकैती की एक एफआईआर दर्ज कराई थी। विवेचक ने इस मुकदमे में 5 घंटे में ही फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। अखिलेश के जेल जाने के बाद प्रज्ञा ने फाइनल रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर अग्रिम विवेचना के आदेश दिए थे।
अग्रिम विवेचना में अखिलेश दुबे का नाम भी सामने आया था। अखिलेश के खिलाफ चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल की जा चुकी है। इसी मुकदमे में अखिलेश की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई थी, जिसमें झूठा फंसाए जाने की बात कही गई। तथ्यों के आधार पर एडीजे प्रथम सपना त्रिपाठी की कोर्ट ने अखिलेश की जमानत मंजूर कर ली है।
गौरतलब है कि इससे पहले अखिलेश दुबे के खिलाफ बर्रा थाने में भाजपा नेता रवि सतीजा, कोतवाली में कांग्रेस नेता संदीप शुक्ला और किदवई नगर थाने में शैलेंद्र शुक्ला की ओर दर्ज कराए गए मुकदमे में जमानत मिल चुकी है।
हालांकि किदवई नगर थाने में ही होटल कारोबारी सुरेश पाल की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में और ग्वालटोली थाने में वक्फ की संपत्ति पर कब्जे के मुकदमे में अखिलेश की जमानत पर सुनवाई अभी हाईकोर्ट में होनी है।






