
संवाददाता
कानपुर। बिठूर स्थित राजा नर्सिंग होम का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। एनआईसीयू को सील कर दिया गया। वहीं, अस्पताल के डॉक्टरों पर केस दर्ज कर लिया गया है। यह कार्रवाई डीएम के आदेश पर सीएमओ ने की। सीएमओ ने बताया कि अस्पताल में बगैर अनुमति के एनआईसीयू चल रहा था। एक्सपायर अग्निशमन यंत्र मिले है।
सीएमओ ने बताया कि एनआईसीयू यूनिट को सील कर दिया गया है। अस्पताल को पूरी तरह बंद रखने के आदेश हैं। अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा गया है।
रविवार को एनआईसीयू के वॉर्मर मशीन में आग लग गई।
इससे उसमें भर्ती एक मासूम बच्ची जिंदा जल गई।
डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के आदेश पर सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने अस्पताल की जांच कराई। जब टीम अस्पताल पहुंची तो यहां पर एक चिकित्सक डॉ. तपो ज्योति आचार्य, दो स्टाफ नर्स प्रदीप गोस्वामी और तनू गौतम तथा एक वार्ड ब्वॉय अजय मिले।
पता चला कि अस्पताल पंजीकृत था। मगर एनआईसीयू की अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बाद भी अस्पताल में एनआईसीयू चल रहा था। जांच में एक्सपायर अग्निशमन यंत्र मिले है।
सीएमओ ने बताया कि एनआईसीयू यूनिट को सील कर दिया गया।
सीएमओ ने अस्पताल को पूरी तरह बंद रखने के आदेश दिए हैं। प्रबंधन को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा गया है। साथ ही बिठूर थाने में राजा नर्सिंग होम के चिकित्सकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहीं प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की माने तो जिस समय एनआईसीयू में आग लगी थी, उस वक्त मासूम बच्ची सो रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, सांस नली में कार्बन के कण पाए गए हैं। पहले मासूम का धुएं से दम घुटा उसके बाद उसका शरीर 90 प्रतिशत तक जल गया।
इसके बाद परिवार को मासूम का जला हुआ शव सौंपा गया। पोस्टमार्टम हाउस पर मासूम बच्ची के फूफा और चाचा उसके शव को लेकर वापस बिठूर गए। देर शाम मासूम का अंतिम संस्कार हुआ।
राजा नर्सिंग होम विवेक नाम के युवक के नाम से रजिस्टर्ड था। इस नर्सिंग होम में मेडिसिन, सर्जरी और गायनी का इलाज किया सकता था। लेकिन यहां पर एनआईसीयू अवैध रूप से चलता हुआ पाया गया। एनआईसीयू के मानकों की बात करें तो वार्ड में एक डॉक्टर और एक स्टाफ नर्स हमेशा मौजूद रहना चाहिए।
जो मरीजों का ख्याल रख सके और समय पर उनका हेल्थ चेकअप करके मेडिकल हिस्ट्री तैयार करने का काम करें। नर्सिंग होम के रजिस्ट्रेशन के समय बायो वेस्टेज, अग्निशमन यंत्रों के साथ पूरा प्लांट बनाने का मानक है। साथ ही पॉल्यूसन के लिए पूरा प्लांट बनाना होता है। रजिस्ट्रेशन के समय जिन डॉक्टर और स्टाफ नर्स के सर्टिफिकेट लगते है, वही डॉक्टर्स और स्टाफ नर्स मौजूद रहने चाहिए।






