April 20, 2026

• ताला लगाकर भागे कई अस्पताल संचालक।

संवाददाता 

कानपुर। वैसे तो झोलाछाप डाक्टरों और अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के खिलाफ समय समय पर छापेमारी होती रहती है। लेकिन नगर में पिछले सप्ताह किडनी स्केन्डल सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। 

एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी के नेतृत्व में टीम ने कल्याणपुर क्षेत्र के करीब 13-15 अस्पतालों में छापेमारी की । कार्रवाई के दौरान चार हॉस्पिटल को सीज कर दिया गया, जबकि अन्य को नोटिस जारी किए गए। कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई हॉस्पिटल संचालक बोर्ड हटाकर ताला लगाकर भाग गए। इससे विभाग को कई जगह  अस्पताल बंद मिले।
स्वास्थ्य विभाग की टीम सबसे पहले अनुष्का प्रांजुल हॉस्पिटल पहुंची। यहां बिना अनुमति के आईसीयू और  एनआईसीयू  संचालित होते मिले। इस पर तुरंत नोटिस जारी करते हुए आईसीयू-एनआईसीयू बंद कराने के निर्देश दिए गए। साथी ही ऑपरेशन थिएटर को भी सील कर दिया गया।

दिब्य हॉस्पिटल और रिलैक्स हॉस्पिटल में बिना रजिस्ट्रेशन के संचालन होता पाया गया। दोनों अस्पतालों को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया। वहीं, एमएस हॉस्पिटल के संचालक टीम के पहुंचने से पहले ही ताला लगाकर फरार हो गया, जिसके बाद विभाग ने ताले पर ही सील लगाकर नोटिस चस्पा कर दिया।
मोहित मेडिकल सेंटर और केडीएम हॉस्पिटल में ड्यूटी पर डॉक्टर और प्रशिक्षित स्टाफ नहीं मिला, जिस पर नोटिस दिया गया। शिव हॉस्पिटल में बायोमेडिकल वेस्ट का रजिस्ट्रेशन एक्सपायर मिला। कई अस्पतालों में गंदगी भी पाई गई, जिस पर सख्त निर्देश दिए गए।
राम जानकी हॉस्पिटल और मां दुर्गा हॉस्पिटल में व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं, लेकिन साफ-सफाई को लेकर सख्त हिदायत दी गई।
एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी का कहना है कि अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई जारी रहेगी। सोमवार को फिर से यह अभियान चलाया जाएगा और बिना रजिस्ट्रेशन और बिना अनुमति के चल रहे अस्पतालों को सीज किया जाएगा।
एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी ने बताया कि किडनी कांड के बाद लगातार कार्रवाई की जा रही है। बिना रजिस्ट्रेशन और बिना अनुमति के चल रहे अस्पतालों को सीज किया जा रहा है। सभी को तीन दिन में जवाब देने का नोटिस दिया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।