
संवाददाता
कानपुर। लगातार बारिश के माहौल के बाद अब इंफेक्शन भी तेजी से अपने पैर पसार रहा हैं। ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इंफेक्शन के कारण लोगों को पेट दर्द, फीवर, ज्वाइंडिस, टाइफाइड जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं।
गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञों की माने तो हर ओपीडी में करीब 15 से 20 प्रतिशत मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई हैं। उन्होंने ये भी कहा कि अब जैसे-जैसे मौसम बदलेगा वैसे-वैसे मरीज और बढ़ेंगे।
मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. एसके गौतम ने बताया कि बरसात के कारण वातावरण में नमी अधिक रहती हैं। ऐसे में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता हैं। इसी के कारण बाहर की चीजें खाने में लोगों को ज्यादा दिक्कतें होती हैं।
इस समय ओपीडी में डाइफाइड, ज्वाइंडिस, फीवर, पेट दर्द के अलावा 5 प्रतिशत मरीज खांसी और गले की समस्या भी लेकर आ रहे। इन सभी रोगों की बात करें तो ये ठीक होने में करीब 7 से 10 दिन का समय ले रहा हैं।
प्रो. एसके गौतम ने बताया कि इस संक्रमण से बच्चों को सबसे ज्यादा बचाकर रखने की जरूरत है। इसके अलावा बीपी, शुगर, किडनी, दिल के मरीजों को भी काफी बचाव करने की जरूरत है।
ये संक्रमण सबसे ज्यादा 50 साल से लेकर 60-70 साल वालों को ज्यादा प्रभावित करता है। इसलिए घर के बाहर की कोई चीज न खाएं। निकलते समय मास्क का प्रयोग जरूर करें। प्रयास करें भीड़ भाड़ से बचे।
मरीजों के अंदर शुरुआती लक्षण दिखने लगते है। शरीर में कमजोरी महसूस होना, पेट दर्द होना, जी मिचलाना, बदन में दर्द आदि लक्षण होते है। इसके अलावा डायरिया के मरीजों में लूज मोसन आना, पीली पेशाब होना, कमजोरी महसूस होना आदि लक्षण होते है।
घर से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करें।खाने में हरी सब्जियों को शामिल करें।विटामिन डी युक्त फलों का सेवन अधिक करें। घर से बाहर निकलते समय पानी खूब पीकर निकले। दिन भर में स्वास्थ्य मरीज को 3 से 4 लीटर पानी पीना चाहिए। इस सीजन में कटे रखे हुए फलों का सेवन बिल्कुल न करें। बासी खाना न खाए। बाहर की तली-भुंझी चीजों का सेवन न करें।
किडनी, बीपी वाले मरीजों को नियम से दवा का सेवन करना चाहिए। बुखार आने पर बिना डॉक्टर की परामर्श से खुले काउंटर से दवा लेकर न खाए।