संवाददाता। कानपुर। नगर के सरसौल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में नवजात बच्चों की सुरक्षा मेंट्रल न्यू बर्न हेल्थ सेंटर द्वारा ‘नवजात पुनर्जीवन कार्यक्रम’ प्रशिक्षण में आयोजित किया गया। अन्य राज्यों से आई महिला डॉक्टरों ने सीएचसी में मौजूद स्टॉफ नर्सों को प्रशिक्षण दिया। डॉक्टर सुधिपता घोंसल ने बताया कि गर्भनाल काटने से पहले नवजात शिशु को कहां रखा जाए। नाल काटने पर उसके शेष हिस्से पर क्या लगाएं। प्रसव बाद शिशु को स्तन पान कराने के लिए कौन सा समय सबसे अच्छा है। गर्भावस्था के दौरान क्या तैयारी करें। जिससे जन्म के समय नवजात शिशु की तुरंत देखभाल हो सके। यह सब जानकारी महिलाओं तक पहुंचाना जरूरी है। जिससे मातृ, शिशु मृत्यु व दर कम हो और मां भी स्वस्थ्य रहे। सही समय पर बच्चे होंगे तो मां और बच्चा दोनों स्वस्थ्य रहेंगे। बच्चों में अंतर रखने को तमाम चिकित्सीय कार्यक्रम चल रहे उसकी जानकारी दें। दूसरे बच्चे में कम से कम तीन साल का अंतर रखने को प्रेरित करें। एएनएम और आशा वर्कर शिशु की उचित देखभाल, कंगारू मदर केयर विधि, स्तनपान की विधि के बारे में बताती हैं। उन्होंने कहा कि निमोनिया से बचाव और लक्षण के प्रति अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है। सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रणव कर ने बताया कि नवजात पुनर्जीवन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिसमें स्टॉफ नर्सों को गर्भावस्था के दौरान तैयारी, नवजात शिशु की देखभाल व परिवार नियोजन के संबंध में जानकारी दी गई। इस मौके पर आरवी सिंह एसीएमओ, हेमन्त कुमार, अंशुमान, रणविजय यादव समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।