संवाददाता। कानपुर। आईआईटी से मोतीझील के बीच अब कानपुर मेट्रो बिना ड्राइवर के ही दौड़ेगी। मेट्रो में अब पूरी तरह से ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन (एटीओ) लगा दिया गया है। इसके बाद मेट्रो का संचालन बेहद समयपूर्ण तरीके से होगा। मेट्रो के संचालन में अब मानवीय भूल की गुंजाइश न के बराबर रहेगी। हालांकि केबिन ड्राइवर मौजूद रहेंगे। मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक अभी तक मेट्रो का संचालन एटीपी (ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन) मोड में किया जा रहा था। ये यात्रियों की सुरक्षा के चलते किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचने के लिए ऑटोमेटिक ब्रेकिंग जैसी विशेषताओं से युक्त था। अब एटीओ मोड में संचालन के बाद संचालन से जुड़े अधिकतर कार्य ऑटोमेटेड हो जाएंगे। एटीओ मोड में संचालन का शुभारंभ आज आईआईटी मेट्रो स्टेशन पर उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के सिग्नलिंग एंड टेलिकॉम विभाग के महाप्रबंधक त्रदीप खरे ने किया। एटीओ मोड का संचालन आरंभ करने से पहले इसका अच्छी तरह से परीक्षण किया गया है। इस मोड में ट्रेनें बिना किसी ट्रेन ऑपरेटर के हस्तक्षेप के एटीपी प्रणाली ने अच्छा काम किया। यानी ट्रेनों के संचालन के लिए ट्रेन ऑपरेटर पर निर्भरता कम हो जाती है और संचालन से जुड़ी अधिकतर क्रियाएं जैसे मोटरिंग, ब्रेकिंग, प्लेटफॉर्म ड्यूटी, प्लेटफॉर्म पर नियत जगह पर दरवाजों का खुलना आदि ऑटोमेटिक हो जाता है। ध्यान रहे कि संचालन से जुड़ी सभी क्रियाओं के ऑटोमेटिक हो जाने के बावजूद अभी भी यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से मेट्रो ट्रेनों के दरवाजे ट्रेन ऑपरेटर द्वारा मैनुअली ही बंद किए जाएंगे। मेट्रो सेवाओं को संचालन तकनीक के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में बांटा जाता है, जिसे ग्रेड ऑफ ऑटोमेशन कहते हैं। अत्याधुनिक एवं नवीनतम तकनीक से लैस कानपुर मेट्रो ट्रेन ग्रेड ऑफ ऑटोमेशन 3 श्रेणी की ट्रेन हैं। इस श्रेणी की ट्रेनें एटीओ (ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन) मोड में कम्यूनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल सिस्टम सिग्नलिंग प्रणाली के जरिए बिना ट्रेन ऑपरेटर के चल सकती हैं।