February 9, 2026

संवाददाता

कानपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की आपदा राहत व्यवस्था कानपुर नगर में ज़मीन पर असर दिखा रही है। सर्पदंश से हुई पशु हानि और जनहानि के मामलों में बीते तीन वित्तीय वर्षों के दौरान कुल 73.65 लाख रुपए की राहत राशि दैवीय आपदा मोचन निधि से सीधे प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में भेजी गई है।

दुधारू पशुओं की मौत से टूटती रोज़ी के बीच यह मदद कई पशुपालकों के लिए आर्थिक सहारा और भरोसे की वजह बनी है।

सर्पदंश से हुई जनहानि के मामलों में योगी सरकार की नीति के तहत राहत दी गई। कुल 14 जनहानियों पर 56 लाख की सहायता दी गई। वर्ष 2025–26 में जनहानि के 9 मामले आए। इसमें 36 लाख रुपए की सहायता राशि दी गई। 2023–24 जनहानि के 5 मामले सामने आए। 20 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई। वर्ष 2024–25 जनहानि के एक भी मामले सामने नहीं आए।

प्रशासन ने सर्पदंश से पशु मृत्यु के मामलों को प्राथमिकता पर लिया है। तीन वर्षों में कुल 46 पशु हानियों पर 17,65,000 रुपए की सहायता राशि दी गई। वर्ष 2025–26 की बात करें तो 28 पशुओं की मौत हुई। 10 लाख 90 हज़ार रुपए की राहत राशि दी गई। वर्ष 2024–25 पशु हानि के 13 मामले सामने आए। 4,87,500 रुपये की सहायता राशि दी गई। 2023–24 पशु हानि के 5 मामले आए। राहत राशि 1,87,500 रुपये प्रदान की गई। 

राहत पाने वालों में बिल्हौर, घाटमपुर और नरवल तहसील के पशुपालक शामिल हैं। समय पर मिली इस सहायता से प्रभावित परिवार चारा-दवा की व्यवस्था, घर का खर्च और दोबारा पशुपालन कर पाने में सक्षम हुए हैं।

घाटमपुर के राजू प्रसाद उमराव कहते हैं, सांप काटने से भैंस मर गई थी। घर की कमाई रुक गई थी। सरकारी मदद मिली तो दोबारा काम शुरू करने की हिम्मत आई। वहीं, नरवल के रामपाल बताते हैं, पहले लगा था कुछ नहीं मिलेगा, लेकिन जांच के बाद पैसा सीधे खाते में आ गया। इससे बड़ा सहारा मिला।

दैवीय आपदा मोचन निधि वह सरकारी कोष है, जिससे सर्पदंश, प्राकृतिक आपदा, जल में डूबना जैसी घटनाओं में जनहानि और पशु हानि पर आर्थिक सहायता दी जाती है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र के चक्कर में देरी ना करें। तुरंत नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाना ज़रूरी है। सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी-स्नेक वेनम दवाएं उपलब्ध हैं।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शासन के निर्देश पर सर्पदंश से जनहानि और पशु हानि के मामलों में दैवीय आपदा मोचन निधि से पात्र परिवारों को समय पर सहायता दी जा रही है। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि सहायता बिना किसी देरी के सीधे खातों में पहुंचे।

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