
संवाददाता
कानपुर। आईआईटी कानपुर में डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स के सहयोग से शैक्षणिक एवं कैरियर परिषद की ओर से अपने शोध कौशल को कैसे सुधारें विषय पर दो दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया गया।
यह वर्कशॉप सेवानिवृत प्रो. नरसिम्हन सुंदरराजन, एनटीयू सिंगापुर द्वारा संचालित की गई, जो एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध शिक्षाविद भी हैं।उनका प्रतिष्ठित करियर इसरो, नासा एएमईएस, और नासा लैंग्ले में शोध एवं नेतृत्व भूमिकाओं से समृद्ध रहा है। प्रो. सुंदरराजन की एयरोस्पेस कंट्रोल, न्यूरल नेटवर्क्स, मशीन लर्निंग और शोध मार्गदर्शन में गहन विशेषज्ञता है। इसके साथ ही उनके 250 से अधिक शोध प्रकाशन और पांच पुस्तकें भी हैं।उन्होंने वर्कशॉप के सभी सत्रों में गहराई और स्पष्टता के साथ जानकारी दी।
इस कार्यशाला का शुभारंभ प्रो. अभिजीत महापात्र सह-डीन, शैक्षणिक कार्य और प्रो. अर्क वर्मा फैकल्टी सलाहकार, शैक्षणिक एवं करियर परिषद की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।
वर्कशॉप के 5 सेशन में कुल 9 घंटे तक चले इस कार्यक्रम में प्रो. सुंदरराजन ने 200 से अधिक विभिन्न विभागों के स्नातकोत्तर छात्रों को शोध के क्षेत्र में सशक्त बनने के लिए आवश्यक उपकरणों और रणनीतियों के बारे में बताया।
प्रो. अभिजीत महापात्रा, श्रेयांक गोयल शैक्षणिक सीनेट नामित, योगेश आर.जी. सिंह पूर्व महासचिव, पीजी शैक्षणिक एवं कैरियर परिषद, और अमन शुक्ला महासचिव, पीजी शैक्षणिक एवं कैरियर परिषद ने इस कार्यक्रम के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पीजी शैक्षणिक एवं कैरियर परिषद की टीम ने इस वर्कशॉप संचालन में अहम भूमिका निभाई। वहीं आईआईटी कानपुर के छात्रों की भागीदारी ने इस आयोजन को और भी ज्यादा रुचिपूर्ण बना दिया।
वर्कशॉप के अंत में संस्थान द्वारा प्रो.नरसिम्हन सुंदरराजन का धन्यवाद किया गया, जिन्होंने अपने अनुभव, विनम्रता और उत्साह से आईआईटी कानपुर के शोध समुदाय को प्रेरित किया और इस कार्यशाला को अमूल्य योगदान प्रदान किया।






