
संवाददाता
कानपुर। आईआईटी में नौकरी दिलाने के नाम पर संचालित गिरोह की महिला सदस्य को कल्याणपुर पुलिस ने दो साल बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया है। आरोपी महिला के खिलाफ कोर्ट ने एनबीडब्ल्यू जारी किया था। पुलिस के मुताबिक इस मामले में अन्य आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। महिला दो साल से फरार चल रही थी।
ग्राम पचौर मंधना निवासी महावीर प्रसाद ने बीती 15 जून 2023 को एसीएमएम कोर्ट के आदेश पर बनिया बाजार कैंट निवासी मुन्नी देवी, गणेश, विनोद कुमार किरन, सोनू और श्रीवास्तव साहब के खिलाफ कल्याणपुर थाने धोखाधड़ी, जालसाजी व षड्यंत्र रचने की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी।
कल्याणपुर इंस्पेक्टर के मुताबिक बाकी आरोपियों को पहले जेल भेजा गया था। इनमें से मुन्नी देवी बीते दो साल से फरार चल रही थी। उसके खिलाफ कोर्ट ने एनबीडब्ल्यू भी जारी कर दिया था। जिसके बाद से पुलिस टीमें लगातार उसकी तलाश कर रही थी। मंगलवार को आरोपी मुन्नी देवी को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया गया। वहां सुनवाई के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
महावीर प्रसाद का आरोप था कि सन 2020 से 2022 के बीच आरोपियों ने उनके पुत्र की नौकरी आईआईटी में लगवाने के लिए उनके साथ 45 लाख रुपए की ठगी को अंजाम दिया था। महावीर के मुताबिक आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज बनाए थे, यहां तक कि फर्जी अधिकारी बनकर नौकरी दिलाने का षड्यंत्र रचा था। आरोपियों ने फर्जी आईडी कार्ड आईआईटी ज्वाइनिगं लेटर व फर्जी इनकम टैक्स फार्म तैयार किया था। इसी पर जब पुलिस ने नहीं सुनी तो पीड़ित ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इंस्पेक्टर के मुताबिक आरोपी महिला ने अपना घर बदल दिया था। वो कैंट में ही टैगोर रोड भज्जापुरवा में रहने लगी थी। पुलिस के आने की सूचना मिलते ही महिला इधर उधर हो जाती थी। बाद में निकलती थी मगर कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने घर के पास सर्विलांस करके आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया।






